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100 डायल करते ही पहुंचेगी एफवीआर

घटनास्थल पर ही होगी एफआईआर, 15 दिन में सागर में शुरू हो जाएगी योजना, शहर के लिए आएंगी, देहात में भी होंगी तैनात।

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Khandwa Online

Oct 11, 2015

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सागर.एफवीआर यानी फस्र्ट रिस्पॉन्स वीकल जिले में जल्द तैनात होंगे। इनकी कमान भोपाल में बने कंट्रोल रूम में होगी। जैसे ही भोपाल से आदेश मिलेगा, ये वाहन उस स्थान पर पहुंच जाएंगे, जहां के लिए आदेश मिलेगा। इन्हें बुलाने के लिए लोगों को अपने फोन पर 100 डायल करना होगा। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होने वाली योजना में काम करने वाले इन वाहनों का नाम एफवीआर रखा गया है। इसे अमली जाना पहनाने विभाग भी तैयारी कर रहा है।

केवल थाना क्षेत्र के लिए
सभी एफवीआर वाहनों को एक ही थाना क्षेत्र में काम करना है। इसके बाहर कोई घटना होती है तो भोपाल पुलिस कंट्रोल रूम की ओर से उक्त थाने के एफवीआर को फोन कर जानकारी दी जाएगी। बिना राज्य पुलिस कंट्रोल रूम के आदेश के ये वाहन मूव नहीं करेंगे।

सीधे भी की जा सकेगी शिकायत
एफवीआर में यदि कोई व्यक्ति सीधे शिकायत करता है तो इसकी जानकारी एफवीआर में पदस्थ अधिकारी या जवान को पहले भोपाल कंट्रोल रूम को देनी होगी। वहां से टोकन नम्बर मिलने के बाद ही एफवीआर की ओर से उचित कार्रवाई की जा सकेगी। एफवीआर की ओर से किसी को बाध्य नही किया जाएगा कि वे पहले कंट्रोल रूम को फोन लगाएं।

तुरंत एफआईआर
एफवीआर में पदस्थ अधिकारी पीडि़त व्यक्ति की तत्काल एफआईआर लिखेगा। इसकी सूचना वह थाने को दे सकता है। पीडि़त को एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए पीडि़त एफवीआर अधिकारी को पावती भी देगा।

शरारत न हो, कॉल रिकार्ड होगा
एेसी टोल फ्री सेवाओं में शरारती तत्व बेवजह फोन कॉल कर भ्रमित करते हैं, लेकिन यदि डायल 100 में कोई शरारती तत्व फोन करता है और सूचना गलत निकलती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डायल 100 पर पहुंचने वाले प्रत्येक फोन का रिकॉर्ड किया।

इसलिए रोकी गई योजना
मालूम हो कि पहले प्रदेश के सभी 51 जिलों में 15 अगस्त से योजना की शुरुआत होना थी, लेकिन इन वाहनों में मोबाइल डाटा टर्मिनल न लगने से योजना को आगे बढ़ा दिया गया। हांलाकि इस डिवाइस को छोड़कर बाकी सभी तैयारियां पूरी हो गईं हैं।

ये हैं महत्वपूर्ण बिंदु
थानों के नंबर याद करने की जरूरत नहीं।
बाहरी व्यक्ति को थानों के नम्बर तलाशने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
फोन करने पर शहरी क्षेत्र में 5 व ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट में पहुंचेगा डॉयल-100 का दल।
प्रत्येक वाहन में एक एएसआई या हवलदार तथा आरक्षक या होमगार्ड की होगी तैनाती।
थानों को एफवीआर में संबंधित दस्तावेज, कागज, कार्बन, पेन व इन्वेस्टिगेशन बॉक्स रखना होगा।
वाहन संचार माध्यम के अलावा बलवा ड्रिल से लैस होगा।
इसके पास किसी संदेही या आरोपी को पकडऩे का अधिकारी नहीं होगा। यदि पकड़ा जाता है, तो थाने के हवाले करना होगा।
वीआईपी ड्यूटी, प्रोटोकॉल ड्यूटी, मुल्जिम पेशी आदि में नहीं किया जा सकेगा उपयोग।
राज्य पुलिस कंट्रोल रूम के पास रहेगी वाहन की पूरी लोकेशन।

तैयारी पूरी है
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक जिले में डायल-100 योजना शुरू हो जाएगी। अभी इसके लिए दूसरी तैयारियां की जा रही हैं। वाहन कितने रहेंगे, फिलहाल यह अभी तय नहीं हुआ है। हां, ये जरूर है कि शहर के साथ देहात में भी इसकी तैनाती की जाएगी।
सचिन अतुलकर, एसपी

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