
डॉक्टर की ये सलाह : संभलकर रहें, नहीं तो रहेगा अटैक का खतरा
बीना. दीपावली के बाद मौसम में ठंडक आने के साथ ही हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। रात और सुबह का न्यूनतम पारा उनकी तकलीफ बढ़ा सकता है। इस पर डॉक्टरों ने ऐसे रोगियों को अलर्ट करते हुए पर्याप्त चिकित्सकीय सावधानी बरतने की सलाह दी है।सिविल व निजी अस्पताल में इस समय ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, उन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह और दवाइयां दी जा रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सुबह जैसे ही हृदय रोगी गर्म बिस्तर छोड़कर अचानक ठंड के प्रभाव में आते हैं, तो उन्हें अटैक आने की आशंका बढ़ जाती है। सर्दी में रक्तप्रवाह कम होने से धमनियां सिकुड़ती हैं। पहले जिस अस्पताल में औसतन एक से दो मरीज आते थे, अब उनकी संख्या चार से छह तक पहुंच गई है।
खराब जीवन शैली जिम्मेदार
हृदय रोगों के कारण होने वाली मौतों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि देखी गई है। खराब जीवनशैली इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। मोटापा, तनाव और सात्विक आहार न करना भी रोग बढ़ा रही हैं।
छाती में दर्द, जकडऩ, सांसों की कमी, गर्दन, जबड़े, गले, पेट, पैर या बाजुओं में दर्द, अनियमित दिल की धड़कन (धीमी या तेज) पैरों में सुन्नपन, चक्कर आना या बेहोशी, थकान, जी मचलाना।
हृदय रोगियों को यह सावधानी जरूरी
ऊनी कपड़े के साथ हमेशा गर्म वातावरण में रहें।
ठंड में दिल की दवाओं को पूरी मात्रा में रखें।
बुजुर्ग और कमजोर रोगी सावधान रहना चाहिए।
संतुलित भोजन लें और उच्च कैलोरी वाले भोजन से बचें।
सुबह की सैर को दोपहर के समय तक ले जाएं। घर या जिम के गर्म माहौल में ही व्यायाम करें।
बुखार या गले में खरास या अन्य समस्या पर तुरंत डॉक्टर से सलाह जरूरी।
Published on:
31 Oct 2022 04:31 pm
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