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डॉक्टर की ट्रेनिंग न होने से अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन नहीं हो पा रही चालू

बाजार में करानी पड़ रही महिलाओं को जांच, हर माह दो सौ से ज्यादा महिलाएं कराती हैं सोनोग्राफी

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Due to lack of training of doctors, the hospital's sonography machine is not working

निजी अस्पताल के निरीक्षण में एसडीएम को सोनोग्राफी कराने बैठी मिलीं महिलाएं

बीना. सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन आए डेढ़ साल बीत गया है, लेकिन एक भी सोनोग्राफी नहीं हुई है। क्योंकि यहां पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ को अभी तक ट्रेनिंग ही नहीं दी गई है। ट्रेनिंग के बाद पंजीयन होना है और फिर जांच शुरू की जा सकती है।
28 नवंबर 2023 को सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन का शुभारंभ हुआ था, लेकिन डेढ़ वर्ष में एक भी जांच इस मशीन से नहीं हो पाई है और गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीज निजी लैब पर जाकर जांच कराने मजबूर हैं। 25 लाख रुपए की लागत से आई मशीन धूल खा रही है। मशीन बंद होने के कारण बाजार से हजारों रुपए खर्च कर जांच करानी पड़ती है। जबकि सिविल अस्पताल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ निजी अस्पताल में सोनोग्राफी कर रही हैं।

हर माह होते हैं करीब दो सौ प्रसव
सिविल अस्पताल में हर महीने करीब 200 प्रसव होते हैं, इनमें से प्रत्येक महिला को गर्भावस्था के दौरान कम से कम दो बार सोनोग्राफ्री जांच करानी पड़ती है, इसमें कम से कम दो हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

होना है ट्रेनिंग
सोनोग्राफी जांच करने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की ट्रेनिंग होना है और इसके बाद पंजीयन होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने पर वह अस्पताल में जांच कर सकती हैं।
डॉ. राजेश पस्तोर, बीएमओ, बीना