परंपरागत खेती से लागत ही निकलती थी, ऑर्गेनिक सब्जी की खेती से बदला जीवन, सागर के विवेक अपने 20 एकड़ में से दो एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं।
सागर. रहली के विवेक नायक ने दो साल में खेती की दशा और दिशा बदल दी है। वे 20 एकड़ की जमीन में गोबर की खाद का इस्तेमाल कर 50 से 60 प्रकार की सब्जियां उगा रहे हैं। उनका सालाना टर्नओवर 50 लाख के पार पहुंच गया है। अब क्षेत्र के किसान इनसे सीख ले रहे हैं और ऑर्गेनिक खेती की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
किसान विवेक ने बताया कि दो साल पहले तक वह पारंपरिक खेती करते थे। गेहूं, चना, मसूर जैसे फसलों में जो पैदावार होती थी, उससे लागत ही निकलती थी और घर का खर्चा चलता था। इसके बाद उन्होंने ऑर्गेनिक खेती की तरफ रुख किया। डेयरी से निकलने वाले गोबर, वेस्ट डी कंपोजर से कीटनाशक बनाना सीखकर खाद को फसलों में इस्तेमाल किया। रिजल्ट मिला तो यूरिया, डीएपी जैसे नुकसानदायक खादों से तौबा कर ली। अब वे ऑर्गेनिक सब्जी उगा रहे हैं। इससे काफी मुनाफा हो रहा है।
सागर-जबलपुर की होटलों में बीन्स की सप्लाई
विवेक अपने 20 में से 2 एकड़ जमीन पर बीन्स की खेती कर रहे हैं, जो जिले में और कहीं नहीं होती। बीन्स सागर-जबलपुर की बड़ी-बड़ी होटलों में प्रतिदिन सप्लाई हो रहीं हैं। बीन्स लगाने में उन्हें महज 50-60 हजार का खर्चा आया था अब हर रोज 60 रुपए किलो के हिसाब से 1 कुंतल तक बीन्स की सप्लाई हो रही है। सवा माह में 2.50 लाख की कमाई सिर्फ बीन्स से हो चुकी है।
धतूरा-मिर्च से बनाते हैं कीटनाशक
कीटनाशक बनाने विवेक धतूरा, मिर्च, लहसुन, अकौआ के फल, गुड और वेस्ट डी कंपोजर का इस्तेमाल करते हैं। उनकी खुद की डेयरी है जिससे निकलने वाले गोबर से खाद बनाते हैं। सिंचाई के लिए ड्रिप पद्धति अपनाते हैं।
अच्छे रेट मिले इसलिए करते हैं प्लानिंग
अमरुद, चुकंदर, शिमला मिर्च, तरबूज, खरबूज, भिंडी, टमाटर जैसी दर्जनों सब्जियां और फलों को उगाने के पहले विवेक सब्जियों की आने की टाइमिंग मिलाते हैं, ताकि जब उत्पाद बाजार में जाए तो उसे अच्छे रेट मिल सकें। इसके लिए वे पहले कागज में पूरा प्लान बनाते हैं।