बदरंग दीवारों पर जताई थी नाराजगी, सफाई रखने दिए थे निर्देश, स्थिति जस की तस
बीना. सिविल अस्पताल का 7 मई को डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने निरीक्षण किया था और सबसे पहले उन्होंने अस्पताल की बदरंग दीवारों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को पुताई कराने के लिए कहा था।
निरीक्षण के दस दिन बाद भी भवन की पुताई शुरू नहीं हुई है। साथ ही सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे वार्डों के अंदर से बदबू आने लगी है। जिस भवन में ओपीडी है, वहां बने शौचालय के सामने वॉटर कूलर रखा है, जिसका पानी आसपास भर रहा है। इसके बाद भी यहां कोई ध्यान देने वाला नहीं है। अस्पताल परिसर में बनी नालियों में कचरा भरा है, लेकिन उनकी सफाई तक नहीं हो रही है। डिप्टी सीएम को दिखाने सिर्फ एक दिन के लिए ही अस्पताल को चमकाया गया था और अब स्थिति फिर दयनीय होती जा रही है। अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डॉ. अग्रवाल को बनाया बीएमओ
डिप्टी सीएम के समक्ष अस्पताल में बीएमओ न होने की बात सामने आई थी और उन्होंने पूर्व बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल को फिर से बीएमओ बनाने के लिए कहा था। इसके बाद कलेक्टर, सीएमएचओ के यहां से आदेश आने के बाद उन्होंने बीएमओ के पद पर ज्वाइन कर लिया है।
जल्द कराएंगे भवन की पुताई
भवन की पुताई कराने को लेकर बीएमओ से बात करेंगे। यदि अस्पताल में बजट नहीं होगा, तो फिर पीडब्ल्यूडी विभाग से यह कार्य कराया जाएगा। बीएमओ के पद पर डॉ. अग्रवाल को नियुक्त किया गया है।
डॉ. ममता तिमोरी, सीएमएचओ, सागर