सागर.मशहूर शायर निदा फाजली के निधन की खबर से सागर के साहित्य जगत में भी शोक की लहर फैल गई। साहित्यकारों ने फाजली साहब का सागर से भी गहरा नाता रहा है। गीतकार वि_ल भाई पटेल, कलागुरू विष्णु पाठक, शायर अशोक मिजाज और फिल्म अभिनेता श्यामकांत मिश्र से उनकी बातचीत होती रहती थी। विष्णु पाठक ने बताया कि निदा फाजली बड़े शायर व गीतकार थे। 70 के दशक में बनी फिल्म में उन्होंने दो गीत लिखे थे। इसी दशक में वे सागर भी आए थे। फिल्म में विट्ठल भाई के गीत भी थे। मैंने भी उस फिल्म के गीत दोई दिलों को एेसे मिलालो जैसे रंग में मिले पानी रे, पार करो जिंदगानी रे की कोरियोग्राफी मैंने की थी। शहर के सभी शायरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।