
देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा
दमोह. बहुचर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार कौशिक ने पूर्व विधायक रामबाई सिंह परिहार के पति, देवर, भतीजे और वर्तमान जनपद पंचायत हटा अध्यक्ष सहित 25 लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्रकरण के संबंध में दिलीप सिंह ठाकुर एजीपी व उमेश सोनी एसडीपीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 मार्च 2019 को पटेरा रोड पर स्थित प्लांट पर करीब दो दर्जन से अधिक लोगों ने देवेन्द्र चौरसिया व उनके बेटे सोमेश चौरसिया के साथ प्राणघातक हमला किया था। इस घटना में देवेन्द्र चौरसिया की इलाज के दौरान जबलपुर में मौत हो गई थी। मृतक के भाई महेश चौरसिया की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं के तहत का मामला दर्ज किया था। तत्कालीन थाना प्रभारी डीके सिंह ने विवेचना की, जिसमें 28 लोगों को पर मामला दर्ज किया। प्रकरण में आरोपी त्रिलोक सिंह फरार है। वहीं रत्नेश पटेल को उच्च न्यायालय द्वारा चार्जशीट से पृथक कर दिया था। विकास पटेल को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है। बता दें कि आरोपियों की जमानत की कई अर्जियां हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थीं। शनिवार को न्यायालय ने 23 आरोपियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ा गया, जबकि दो आरोपी जमानत पर होने पर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
पति, देवर, भतीजा भाई शामिल
विधायक रहीं रामबाई के पति गोविन्द सिंह ठाकुर, देवर चंदू सिंह, भतीजा गोलू ठाकुर, वर्तमान हटा जनपद अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल, श्रीराम शर्मा, लोकेश पटेल, सोहेल पठान, राजा डान, बलवीर ठाकुर अनीश ख़ान, मोनू तंतुवाय, अनीश पठान, शाहरुख खान, भान सिंह, आकाश सिंह परिहार, संदीप सिंह तोमर, खूबचंद नन्ना, विक्रम सिंह, सुकेंद्र अठ्या, मजहर खान, किशन किस्सू परिहार, सोहेल खान, फुकलू परिहार, शैलू शैलेंद्र तोमर शामिल हैं।
Published on:
30 Nov 2024 09:03 pm
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