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7 मार्च से हो रहे हैं होलाष्टक, शुभ कार्यों पर लग जाएगा ब्रेक, नहीं बजेंगी शहनाई

मार्च का महीना शुरू होते ही होली की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार होलाष्टक की शुरुआत 7 मार्च से हो रही है। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के दिन पहले यानी 13 मार्च को होगा। इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा।

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सागर

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Reshu Jain

Mar 02, 2025

holi

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13 मार्च को होगा होलिका दहन, 14 मार्च को मनाई जाएगी धुड़ेली

सागर. मार्च का महीना शुरू होते ही होली की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार होलाष्टक की शुरुआत 7 मार्च से हो रही है। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के दिन पहले यानी 13 मार्च को होगा। इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। होलाष्टक शुरू होते ही शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, होलाष्टक के समय ग्रह अशुभ माने जाते हैं। इस समय ग्रहों की स्थिति शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाता है।

13 मार्च को होगा होलिका दहन
इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 13 मार्च को होलिका दहन होगा। इस बार होली पर भद्रा का भी साया माना जा रहा है। 14 मार्च को होली धुड़ेली मनाई जाएगी। महंत केशव महाराज ने बताया कि धार्मिक शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के समय ग्रह अशुभ माने जाते हैं। इस समय ग्रहों की स्थिति शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाता है। इस दौरान किए गए कार्य केवल बाधाएं उत्पन्न करते हैं। इस दौरान शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, बच्चे का नामकरण आदि जैसे मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए। होलाष्टक में घर का निर्माण या गृह प्रवेश नहीं किया जाता है। होलाष्टक के दौरान सोना-चांदी, वाहन आदि खरीदने की मनाही होती है।

होलिका दहन की तैयारी शुरू
शहर में करीब दो सौ से ज्यादा स्थानों पर होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन कमेटियों होलिका दहन की तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी बैठक का आयोजन कर तैयारी शुरू कर रहे हैं। वहीं बाजार में होली के लिए दुकानों पर पिचकारी और रंग आदि की बिक्री शुरू हो गई है। अभी थोक बाजार में पिचकारी की मांग बढ़ी है। फुटकर दुकानों पर कुछ समय बाद पिचकारी और रंग मिलना आदि शुरू हो जाएंगें।