
शव को उठाते हुई पुलिस
बीना. थानों की सीमा क्षेत्र के विवाद से एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है, जहां एक युवक का शव करीब 18 घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा, लेकिन ना तो जीआरपी और ना ही सिटी पुलिस ने उसे उठवाने की जहमत उठाई। इस वजह से रेलवे ट्रैक पर ही शव पड़ा रहा और उसके ऊपर से ट्रेनें गुजरती रहीं।
दरअसल राहुल पिता दुर्जन अहिरवार (30) निवासी इंदिरा गांधी वार्ड ने बुधवार को एसिड पी लिया था, जिससे उसकी तबियत खराब होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उसे भर्ती तो किया था, लेकिन उसकी छुट्टी ना होने के बाद भी वह बिना बताए कहीं चला गया था, जिसका शव मालखेड़ी स्टेशन के पहले बीना-सागर मेन रेल लाइन पर पड़ा मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने पटरी पर लेटकर आत्महत्या की है। लोगों ने घटना की सूचना बुधवार की शाम को ही जीआरपी के लिए दे दी थी, जिसके बाद स्टाफ तो मौके पर पहुंचा, लेकिन पुलिसकर्मी जीआरपी का थाना क्षेत्र ना होने के कारण बिना कोई कार्रवाई के वापस लौट आए। उन्होंने इसकी जानकारी सिटी पुलिस के लिए भी नहीं दी। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे तक शव ट्रैक पर पड़ा रहा और 18 घंटे में शव के ऊपर से दर्जनों ट्रेनें गुजरती रहीं। जबकि रेलवे का नियम है कि यदि कोई शव ट्रैक पर पड़ा है, तो उसके ऊपर से कोई ट्रेन नहीं निकाली जा सकती है। यदि कोई ट्रेन निकाली भी जाए, तो वह कॉसन लेकर निकाली जा सकती है, लेकिन यहां स्पीड में ट्रेनें दौड़ती रहीं। जबकि शव दो धड़ में कटा हुआ वहां पड़ा था। इतना ही नहीं इसकी सूचना सिविल अस्पताल में मौखिक रूप से देकर लोगों ने शव वाहन के लिए बुलाया, लेकिन अस्पताल से शव वाहन भी नहीं पहुंचा। जिस वजह से शव को ऑटो से सिविल अस्पताल तक लाना पड़ा।
कुत्तों ने नोंचा शव
शव की सुरक्षा न होने के कारण शव को आवारा कुत्तों ने नोंच दिया था, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने भी जरूरी नहीं समझा की शव का उठाने तक उसकी सुरक्षा के लिए किसी कर्मचारी को वहां पर बैठाया जाए।
दूसरे दिन सिटी पुलिस ने कराया पीएम
गुरुवार को इसकी जानकारी सिटी पुलिस को मेमू से मिली, जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और शव को ऑटो में रखकर सिविल अस्पताल लेकर आए, जहां पर उसका पीएम करके शव परिजनों के सुपुर्द किया गया।
हमारा क्षेत्र नहीं था
जिस जगह पर घटना हुई थी, वह जीआरपी थानांतर्गत नहीं आती है। घटना के संबंध में कोई मेमो भी प्राप्त नहीं हुआ था।
बीबीएस परिहार, थाना प्रभारी, जीआरपी
मेमो मिलने पर भेजा स्टाफ
घटना के संबंध में गुरुवार को मेमो प्राप्त हुआ था, जिसके बाद स्टाफ को भेजकर तत्काल पंचनामा कार्रवाई कर सिविल अस्पताल में पीएम के लिए लेकर आए थे। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
अनूप यादव, थाना प्रभारी, बीना
Published on:
05 Sept 2025 11:56 am
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
