
दशहरा के दूसरे दिन शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का किया गया। कई भक्त दोपहर बाद से मूर्तियों को धूमधाम से विसर्जन करने पहुंचे। शहर की सड़कों पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालु नाचते-गाते हुए चितौरा और बड़ी नदी में मूर्तियों का विसर्जन करने पहुंचे।
मोतीनगर चौराहे पर मातारानी की झांकी व श्रीराधा कृष्ण भगवान की रासलीला की झांकी दोपहर तक पंडाल में विराजी हुई नजर आई, जिसके दर्शनों के लिए कई श्रद्धालु पहुंचे। वहीं पास ही विराजमान एक अन्य प्रतिमा को ट्राली में विराजमान कर विसर्जन की तैयारी की जा रही थी। मोतीनगर चौराहे से बड़ी नदी ओर जाने वाले रास्ते में दिनभर में एक के बाद एक कई प्रतिमाएं विसर्जन के लिए जाती हुई नजर आई। सदर क्षेत्र से भी कुछ श्रद्धालु प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाते हुए नजर आए। कमेटी के सदस्यों का कहना था कि 10 दिनों तक नवरात्र थी तो हम लोगों ने 11 दिन तक मां की प्रतिमा विराजमान करने के बाद उसका विसर्जन करने का निर्णय लिया था। इसलिए अगले दिन विसर्जन करने ले जा रहे हैं।
Updated on:
04 Oct 2025 05:10 pm
Published on:
04 Oct 2025 05:10 pm
