6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

engineering students के लिए हॉस्टल में गंदे तरीके से बनता है खाना, साफ पानी के भी पड़े लाले

सफाईकर्मी आते नहीं हैं, जिससे गंदगी फैली रहती है। महीनों तक पीने के पानी की टंकियों की सफाई नहीं की जाती है।
2 min read
Google source verification
indira gandhi engineering college

indira gandhi engineering college sagar

सागर. मैस के फर्श पर कीचड़ से भरे जूतों के निशान और मिट्टी, पानी की टंकी में जमी काई। बदबू देते शौचालय। भवन के अंदर और बाहर फैली गंदगी। यह स्थिति है इंदिरा गांधी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के ब्वॉयज हॉस्टल की। मंगलवार को पत्रिका टीम ने हॉस्टल का जायजा लिया तो यह हकीकत उजागर हुई। यहां रहने वाले छात्रों ने बताया कि सफाईकर्मी आते नहीं हैं, जिससे गंदगी फैली रहती है। महीनों तक पीने के पानी की टंकियों की सफाई नहीं की जाती है। आरओ सिस्टम भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। हॉस्टल के जिस कमरे में खाना बनाया जाता है, वहां छत से पानी टपकता है।

टंकी से ओवरफ्लो हुआ पानी भरने से यह स्थिति बनी है। यही पानी भोजन सामग्री में भी गिरता है। अनदेखी के कारण यहां के फस्र्ट फ्लोर से बारिश का व गंदा पानी नीचे लाने के लिए लगे पाइप बीच से ही टूटे हुए हैं, जिससे पानी टपक रहा है। जो दीवार से होते हुए फर्श पर बहता रहता है। बिजली की कुछ केबल भी जमीन पर पड़ी हुई थीं। भवन के पीछे व बाजू की गैलरी में फर्नीचर व अन्य कबाड़ पड़ा हुआ है।

किचन के पीछे ही खुला सीवेज
छात्रों के लिए जिस कमरे में खाना बनाया जा रहा था, उसी कमरे के पीछे ही सीवेज खुला है। गंदा पानी बहने से यहां कीचड़ है। बदबू और भिनभिनाती मक्खियों से छात्रों में बीमारी फैलने का खतरा बना है।

सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं
सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं हैं। कोई भी व्यक्तिसीधे हॉस्टल में प्रवेश कर सकता है। गेट पर चौकीदार नहीं है। कॉलेज के ग्राउंड में लगभग 12 लाख रुपए से लगी दो मर्करी लाइट भी रात के समय नहीं जलती हैं।

ब्वॉयज हॉस्टल में सफाई नहीं होने की समस्या है। क्योंकि हॉस्टल के कुछ सफाई कर्मचारी बीमार हैं। कलेक्टर रेट पर तीन सफाई कर्मचारियों को रखा गया है। पानी की समस्या को लेकर छात्रों ने कोई शिकायत नहीं की है। आरओ सिस्टम भी दिखवाते हैं। अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
आरएसएस रावत, वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल