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अर्थी पर उछाले सिक्के उठा रहे मासूम को सड़क पर पटका, मौत

जिसने सुना दहल गया कलेजा: नादानी में किया काम, सनक में छीनी जिंदगी

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सागर

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Nitin Sadaphal

Sep 10, 2018

Innocent gets hit on the road death

Innocent gets hit on the road death

सागर. शवयात्रा के दौरान अर्थी पर उछाले जा रहे सिक्के उठाने के बदले मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ गई। मुक्तिधाम में बार-बार मासूम का अर्थी के पास आना मृतका के भाई को खटका और उसने बच्चे को उठाकर पटक दिया। सड़क पर गिरने से उसे सिर में गहरी चोट आई। परिजन खुरई रोड स्थित ट्रस्ट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से रात में उसे डॉक्टर ने रेफर कर दिया। मासूम भोपाल तक पहुंचा, लेकिन जैसे ही अस्पताल में शिफ्ट करते समय ऑक्सीजन मास्क हटाया गया तो उसकी सांस थम गई। अंतिम यात्रा के दौरान सिक्के उठा रहे मासूम बच्चे को सड़क पर पटककर हत्या किए जाने का यह जिले का अब तक का इकलौता और सबसे दर्दनाक मामला है।
शनिवार रात भोपाल में मासूम की दर्दनाक मौत के बाद गुस्साए परिजन मोतीनगर थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने उसे सड़क पर उठाकर पटकने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। रविवार सुबह जिसे भी इस घटना की खबर मिली तो सन्न रह गया। मोतीनगर टीआइ विपिन ताम्रकार के अनुसार शनिवार को शास्त्री वार्ड निवासी महिला की मौत के बाद परिजन शवयात्रा लेकर मुक्तिधाम पहुंचे थे। जब अर्थी का उतारा किया जा रहा था तभी मुक्तिधाम में मौजूद कुछ बच्चे अर्थी के साथ उछाले गए सिक्कों को उठाने के लिए बार-बार भीड़ के बीच आ-जा रहे थे। उनकी इस हरकत पर मृतका का भाई रज्जू उर्फ रजनीश रैकवार भड़क गया। अन्य बच्चे तो वहां से भाग गए पर मुक्तिधाम में टाल चलाने वाले सुरेश करोसिया का 8 साल का मासूम नासमझ बेटा कार्तिक उसके हाथ आ गया। गुस्से में आग बबूला हुए रज्जू ने आव देखा न ताव मासूम को उठाया और सड़क पर पटक दिया।

बेसुध मासूम पर भी नहीं दिखाई दया
सीसी सड़क पर गिरने से मासूम के सिर में अंदरूनी चोट आने से वो वहीं बेसुध हो गया। बच्चे को सड़क पर पड़ा देख लकड़ी की टाल पर मौजूद परिजन दौड़ पड़े लेकिन तब भी मुक्तिधाम में अपनी बहन के दुख में डूबे रज्जू को दया नहीं आई। बच्चे को लेकर परिजन खुरई रोड अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया लेकिन शाम तक जब हालत नहीं सुधरी तो डॉक्टर के कहने पर उसे भोपाल ले गए। बेसुध कार्तिक को भोपाल में अस्पताल में शिफ्ट करते समय जैसे ही उतारकर उसका ऑक्सीजन मास्क हटाया गया झटके के बाद उसकी सांस थम गई। मासूम की मौत की खबर जैसे ही सागर में परिजनों को मिली वे भड़क गए और मोतीनगर थाने में जमा हो गए। मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों को देख टीआई ताम्रकार ने उन्हें आश्वासन दिया और कुछ ही देर बाद शास्त्री वार्ड निवासी रज्जू उर्फ रजनीश को उसके घर से हिरासत में ले लिया। हंगामे के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोचा, थाने पहुंचे परिजनों को समझा-बुझाकर वापस भेजा
रज्जू को हिरासत में लेने के बाद उसके परिवार के लोग भी मोतीनगर थाने पहुंच गए। वे बहन की मौत के दुख में डूबे होने की सफाई देते हुए काफी कोशिश की लेकिन पुलिस ने मामला हत्या का होने से उन्हें समझा-बुझाकर थाने से रवाना कर दिया। परिजनों को समझाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करना पड़ी।
पुलिस ने रविवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपकर दिया। सड़क पर उठाकर फेंके जाने से हुई दर्दनाक मौत से आक्रोशित परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा करने की आशंका के चलते थाने पर पुलिस बल तैयार कर दिया गया लेकिन दुखी परिजन शव को लेकर घर पहुंच और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी रज्जू उर्फ रजनीश को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।