निरीक्षण में मिलीं अनियमितताएं, किए जाएंगे नोटिस जारी, निजी क्लीनिकों में गंदगी अंबार लगा मिला।
बीना. शहर में संचालित क्लीनिक पर नियम, कानूनों को ताक पर रखकर इलाज किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आती है। शनिवार को सीएमएचओ द्वारा किए गए निरीक्षण में दो जगह भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिन्हें नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
स्टेशन रोड पर संचालित पंडित क्लीनिक में जब शनिवार की दोपहर सीएमएचओ अचानक निरीक्षण करने पहुंची, तो वहां की हालत देखकर दंग रह गईं। चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी और उसी के बीच मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। जगह-जगह फैली गंदगी देखकर ऐसा लग रहा था कि कई दिनों से वहां सफाई ही नहीं हुई है। साथ ही अंदर एक पैथोलाजी लैब भी संचालित हो रही है, जिसकी अनुमति भी अधिकारियों को नहीं दिखा पाए। क्लीनिक में पलंग डालकर मरीजों को भर्ती करने की बात भी सामने आई। साथ ही पीछे के एक कमरा में टेबिल डली थी, जिसमें डीएनसी करने की आशंका जताई है, क्योंकि वहां बड़ी मात्रा में ग्लब्ज टंगे हुए थे और खाली बॉटल भी टंगी थी। क्लीनिक की हालत देख सीएमएचओ ने संचालक से कहा कि डॉक्टर के पेशा को कमाई का जरिया न बनाएं। साथ ही उन्होंने नाराजगी जताते हुए क्लीनिक में ताला डालने की बात कह डाली। क्योंकि क्लीनिक की अनुमति लेकर पूरी अस्पताल चलाई जा रही है। इस दौरान बीएमओ डॉ. अरविंद गौर, डॉ. संजीव अग्रवाल मौजूद थे।
होम्योपैथी की डिग्री, लगा रहे बॉटल, इंजेक्शन
सर्वोदय चौराहे पर डॉ. कृष्णमूर्ति तिवारी द्वारा क्लीनिक संचालित की जा रही है और उनके पास होम्योपैथी की डिग्री है, लेकिन जब सीएमएचओ वहां निरीक्षण करने पहुंची, तो अंदर तक पूरी क्लीनिक मरीजों से भरी थी और बॉटल, इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा रहे थे। यहां तक कि बच्चों का इलाज भी किया जा रहा था। साथ ही चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। क्लीनिक में कहीं भी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया था। सीएमएचओ ने कहा कि यहां क्लीनिक की जगह होटल जैसा नजारा दिख रहा है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। उन्होंने क्लीनिक संचालक को होम्योपैथी इलाज करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस करेंगे जारी
दोनों क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी कर रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी जाएगी। पंडित क्लीनिक पर संचालक एमबीबीएस हैं, लेकिन क्लीनिक के नाम पर पूरा अस्पताल चला रहे हैं, जो गलत हैं। होम्योपैथी की डिग्री पर एलोपैथी इलाज करना गलत है। नोटिस देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ममता तिमोरी, सीएमएचओ, सागर