
Khinni of Garhaula Jagir is dissolving sweetness in many cities
बीना. खुरई क्षेत्र के गढ़ौला जागीर में की खिन्नी कई शहरों में मिठास घोल रही है। यहां जंगली क्षेत्र में करीब दो सौ खिन्नी के पेड़ लगे हुए हैं, जो नीलामी के बाद ग्रामीणों को मिलते हैं। इस वर्ष भी दो लोगों ने एक पेड़ ठेका पर लिए हैं और बाजार में बिक्री भी शुरू हो गई है। खिन्नी से गांव को भी पहचान मिली है, क्योंकि आसपास और कहीं इतने पेड़ नहीं है। गर्मी आते ही खिन्नी बाजार में आना शुरू हो गई है और इसमें गढ़ौला जागीर की खिन्नी भी खुरई, सागर सहित अन्य शहरों में पहुंचने लगी है। यहां की खिन्नी आकार में बड़ी है और मिठास भी ज्यादा है, जिससे लोगों को पसंद आती है। इस वर्ष पेड़ ठेका पर लेने वाले नारायण लोधी ने बताया कि वन विभाग से 21000 रुपए में खरीदी हैं। खिन्नी का सीजन शुरू हो गया है और खुरई सहित अन्य शहरों में बिकना शुरू हो गई है। इस वर्ष फसल कम आई है और बारिश, हवा के कारण थोड़ा नुकसान हो रहा है। एक माह तक खिन्नी का सीजन चलेगा। उन्होंने बताया कि एक-एक खिन्नी को हाथ से तोडऩा पड़ता है। यदि खिन्नी नीचे गिरती है, तो खराब हो जाती है। इस सावधानी से तोडऩा पड़ता है। राजस्व और वन विभाग को नीलामी में राजस्व भी मिलता है।
70 रुपए किलो बिकती है थोक में
नारायण ने बताया कि 70 रुपए किलो थोक दाम में खिन्नी बिकती है, जबकि बाजार में फुटकर दाम 120 रुपए से ज्यादा हैं। शौकीन लोग महंगे दामों पर खरीदकर खिन्नी खाते हैं।
विटामिन सी रहता है भरपूर
हेल्थ एक्सपर्टस के अनुसार खिन्नी कई पोषक तत्वों से भरपूर है, इसमें विटामिन सी अच्छी मात्रा में होता है, इसलिए इम्यूनिटी अच्छी होती है और चेहरे पर चमक आती है। गर्मियों में यह फल शरीर को ठंडक भी देता है।
Published on:
01 May 2023 09:48 pm
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