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बजट का आभाव, जिले के कर्मचारी-अधिकारी को वेतन के लाले

- जिला पंचायत, बीएमसी, शिक्षा विभाग सहित अनेक विभागों में बजट का आभाव, समय पर कोषालय में नहीं लगाए बिल बना कारण, कर्मचारी संघ ने भी जताई नाराजगी।

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सागर. जिले में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ रहे हैं। इसकी वजह विभागों में बजट का आभाव, विभाग प्रमुखों द्वारा कोषालय में वेतन के बिल देर से लगाना आदि बताया जा रहा है। होली जैसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान समय पर वेतन न मिलने से अधिकारी-कर्मचारी आर्थिक तंगी महसूस कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, बीएमसी, जिला शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में है। इधर त्रतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी नाराजगी जता कर वेतन आहरण जल्द करने की मांग की है। उधर जिला कोषालय अधिकारी का कहना है कि हमारे पास बिल आते ही तत्काल वेतन रिलीज कर दिया जाता है। जिले में करीब १६ हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं।

दो-दो माह देर से मिल रहा वेतन

मिली जानकारी के अनुसार के अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या के मामले में सबसे ज्यादा कर्मचारी शिक्षा विभाग, स्वास्थ विभाग, वन विभाग व बीएमसी (बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज) आदि में तैनात हैं। इन्हीं विभागों में कर्मचारियों को वेतन दो-दो माह देर से मिल रहा है। इसके अलावा जिला पंचायत कार्यालय में भी हालत खराब है बताया जा रहा है कि यहां करीब तीन माह से वेतन नहीं मिल सका है। शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों को जनवरी का वेतन २८ फरवरी को आहरित किया गया था। इसी तरह से बीएमसी में तैनात डॉक्टर्स, पेरामेडिकल स्टाफ व नर्सिंग स्टाफ का वेतन भी नहीं मिल सका है। वेतन न मिलने का बड़ा कारण बजट का आवंटन न होना व विभाग प्रमुखों द्वारा वेतन के बिल कोषालय में जमा न करना है। इस मामले में त्रतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष हरिओम पांडे का कहना था कि इस माह तो देरी का कारण कर्मचारियों को आयकर की औपारिकताएं पूरी करना था लेकिन पिछले कई माहों से वेतन में देरी होने से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को वेतन आहरण का मामला गंभीरता से लेना चाहिए। जिला कोषालय के सिस्टम मेनेजर अनिल पांडे का कहना है कि हमारे पास आने वाले बिलों का भुगतान शीघ्र कर दिया जाता है, फिलहाल कोई बिल लंबित नहीं है।