6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

150 साल हो गया मौसम विभाग, देश के प्रति योगदान बताने के लिए जारी किया जाएगा चांदी का सिक्का

सागर. वर्षों से देशवासियों को मौसम की हर खबर से रूबरू करवाने वाला मौसम विभाग 150 साल का होने जा रहा है। इस अवसर पर मौसम विभाग 150 रुपए मूल्य का चांदी का सिक्का जारी करेगा। सिक्का ढालने को लेकर 31 दिसंबर 2024 को राजपत्र में प्रकाशन किया गया है।

2 min read
Google source verification

सागर

image

Reshu Jain

Jan 04, 2025

mosam.jpg

mosam.jpg

विभाग के स्थापना दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन होगा

सागर. वर्षों से देशवासियों को मौसम की हर खबर से रूबरू करवाने वाला मौसम विभाग 150 साल का होने जा रहा है। इस अवसर पर मौसम विभाग 150 रुपए मूल्य का चांदी का सिक्का जारी करेगा। सिक्का ढालने को लेकर 31 दिसंबर 2024 को राजपत्र में प्रकाशन किया गया है। सिक्का जारी करने का उद्देश्य मौसम विभाग के देश के प्रति योगदान को बताना है। इस दिवस को यादगार बनाने के लिए सिक्के जारी किया जा रहा है। मौसम केंद्र के वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे ने बताया कि 150 रुपए का सिक्का 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी का होगा। इसका वजन 40 ग्राम और डायमीटर 44 मिमी होगा। सिक्के के सामने वाले भाग पर अशोक स्तंभ का सिंह होगा। इसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। बाईं ओर परिधि में देवनागरी लिपि में भारत शब्द और दाईं परिधि में अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। सिंह स्तंभ शीर्ष के नीचे रुपए का प्रतीत चिह्नित होगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय अंकों में अंकित मूल्य 150 लिखा होगा। सिक्के के पिछले हिस्से में बीच में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 150 वर्ष का प्रतीक चिह्न होगा। प्रतीक चिह्न के नीचे वर्ष 1875-2025 लिखा होगा।

पहली बार 2010 में जारी हुआ था सिक्का

अब तक 15 बार 150 रुपए का चांदी सिक्का जारी हो चुका है। अंतिम बार 15 नवंबर 2024 को भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर सिक्का जारी हुआ था। पहली बार 2010 में गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की 150 वीं जयंती के मौके पर जारी हुआ था। मोतीलाल नेहरू की 150 वीं जयंती पर 2012 में, पंडित मदन मोहन मालवीय की 150 वीं जयंती पर 2012 में, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर 2019 में और स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती पर 2013 में 150 रुपए सिक्का जारी हुआ है।

1875 में हुई थी स्थापना

मौसम विभाग की स्थापना 1875 में हुई थी और ये साल 2024-2025 में राष्ट्र की सेवा के 150 वर्ष पूरे कर लेगा। मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे ने बताया कि इस मील के पत्थर को मनाने के लिए आईएमडी ने जनवरी 2024 से एक साल तक चलने वाले उत्सव की योजना भी बनाई है। इस दौरान आईएमडी छात्रों को मौसम विज्ञान और वायुमंडलीय विज्ञान में करियर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके लिए स्थानीय मौसम केंद्र में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सागर का केंद्र भी वर्षों पुराना है। यहां करीब 1983 से पूर्वानुमान उपलब्ध है। विभिन्न आधुनिक उपकरणों से हम मौसम की जानकारी शहरवासियों को उपलब्ध कराते हैं।