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समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी नहीं हो पाई शुरू, मंडी में कम दामों पर बेच रहे किसान

800 किसानों ने कराए हैं पंजीयन, 8558 रुपए मिलना है समर्थन मूल्य, बनाए जाएंगे तीन केन्द्र

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Moong procurement could not start at support price

मंडी में बिकने आई मूंग

बीना. समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी 24 जून से 31 जुलाई तक होनी है, लेकिन अभी तक यहां खरीदी केन्द्र शुरू नहीं हुए है और किसान मंडी में कम दामों पर मूंग बेचने मजबूर हैं।
समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए क्षेत्र के करीब 800 किसानों ने पंजीयन कराए हैं, जिससे उन्हें 8558 रुपए समर्थन मूल्य मिल सके। खरीदी की तारीख भी घोषित हो चुकी है, लेकिन अभी तक यहां केन्द्र नहीं बन पाए हैं। केन्द्र की स्थापना होने के बाद ही किसान मूंग बेच पाएंगे। किसानों को रुपयों की जरूरत होने पर वह कम दामों पर मंडी में मूंग बेच रहे हैं, जिससे मंडी में अभी तक 5500 क्ंिवटल मूंग की आवक हो चुकी है और दाम 7000 से 7600 रुपए क्ंिवटल तक मिल रहे हैं। कम दामों पर मूंग बेचने से किसानों को एक हजार रुपए क्ंिवटल का नुकसान हो रहा है। समर्थन मूल्य केन्द्रों पर खरीदी के पहले गुणवत्ता की जांच होनी है और यदि गुणवत्ताहीन मूंग खरीदी गई, तो उसका भंडारण नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मार्कफेड जेएम राखी रघुवंशी ने बताया कि खरीदी के लिए पहले नाफेड एजेंसी का चयन किया गया था, लेकिन उसे बदलकर एनसीसीएस एजेंसी को यह कार्य दिया गया है। सोमवार तक खरीदी केन्द्र स्थापति हो जाएंगे। कम पंजीयन होने के कारण दो या तीन केन्द्रों पर ही खरीदी होगी।

रकबा ज्यादा फिर भी पंजीयन हुए कम
समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर आने वाली परेशानी और लेटलतीफी को लेकर किसानों ने पंजीयन भी कम कराए हैं, जबकि रकबा जिले में सबसे ज्यादा था। रकबा के अनुसार पंजीयन ज्यादा होने थे।