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एमपी के बड़े बिल्डर व उसके बेटे ने पुलिस के सामने लहराई पिस्टल और राइफल, देखें वीडियो

MP News: बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर बिल्डर महेश जैन व उनका बेटा पिस्टल और राइफल लहराते हुए लोगों से विवाद करते वीडियो में कैद।

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builder gun video boundary wall dispute police presence

MP News: मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक बड़े बिल्डर व उसके बेटे का पुलिस की मौजूदगी में पिस्टल व राइफल लहराने का मामला सामने आया है। घटना जिले के ब्होरी बीका की है जहां बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर बिल्डर महेश जैन बिलहरा और स्थानीय कुचबंदिया परिवार के बीच विवाद विवाद हो गया। दोनों पक्ष आमने-सामने आए, तो महेश जैन बिलहरा और उनके बेटे ने क्रमश: रिवॉल्वर और राइफल निकाल ली। जब दोनों पक्षों में जुबानी जंग चल रही थी, तब मौके पर सिविल लाइन पुलिस भी मौजूद थी। कुचबंदिया परिवार ने आरोप लगाया कि बिलहरा और उनके बेटे ने पुलिस के सामने रिवॉल्वर और राइफल लहराकर धमकाया। वहीं महेश बिलहरा का कहना है कि कुचबंदिया परिवार हमेशा की तरह महिलाओं व बच्चों के साथ बड़ी संख्या में पत्थर लेकर आ गए थे, जिसके कारण रिवॉल्वर निकालनी पड़ी।

बिल्डर व कुचबंदिया परिवार के बीच विवाद

ब्होरी बीका में बिल्डर महेश जैन बिलहरा की लगभग 10 एकड़ जमीन है। उनकी जमीन के पास कुचबंदिया परिवार का घर है। एनएच निर्माण कार्य के चलते कुचबंदिया परिवार के घर के सामने से निकासी बंद हो गई है। ऐसे में वे महेश जैन की जमीन से होकर निकलते थे। महेश जैन बिलहरा के अनुसार करीब एक सप्ताह से भूमि सीमांकन को लेकर विवाद चल रहा था। वे अपनी जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे हैं। जगत कुचबंदिया ने पहले उनकी जमीन से निकासी की अनुमति मांगी थी, जिस पर महेश ने अस्थाई रूप से अनुमति दे दी थी, लेकिन जब कर्मचारी काम पर पहुंचे तो उन लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। कुचबंदिया परिवार का कहना है कि एनएच निर्माण के कारण सरकारी रास्ता बंद है, इसलिए थोड़ी जगह निकलने के लिए अस्थाई रूप से मांगी थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को बुलाकर उनको डराने-धमकाने की कोशिश की गई।

देखें वीडियो-

सीधी बात- महेश जैन बिलहरा, बिल्डर

सवाल- ऐसा €या हुआ, कि आपको रिवॉल्वर निकालनी पड़ी?
जवाब- कुचबंदिया समाज के लोग हाथों में पत्थर लेकर आ गए थे, इसलिए रिवॉल्वर निकाली थी।
सवाल- उस वक्त पुलिस मौके पर मौजूद थी, फिर हथियार क्यों निकाला?
जवाब- दूसरे पक्ष के लोग पुलिस से भी बहस व बदतमीजी कर रहे थे, इसलिए खुद की सुरक्षा के लिए हथियार दिखाना जरूरी था।
सवाल- कुचबंदिया समाज का आरोप है कि आप लोगों ने हथियार दिखाकर उनको डराया-धमकाया?
जवाब- पुलिस होने के बावजूद कुचबंदिया समाज के लोग ही गाली-गलौच कर रहे थे। महिलाओं तक के हाथों में पत्थर थे। हमने किसी को नहीं धमकाया।

पुलिस पर सवाल- पुलिस मौके पर थी तो यह यह नौबत क्यों आई?

ब्होरी बीका में दोनों पक्षों के मौके पर पहुंचते ही सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई थी। डायल-112 टीम भी वहां पर मौजूद थी। जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, थाने से अतिरि€त पुलिस बल भी बुलाया गया। इसके बावजूद महेश जैन व उनके समर्थक ने रिवॉल्वर और राइफल निकाल ली। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। देर शाम दोनों पक्ष सिविल लाइन थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत सुनने के बाद उनके आवेदन ले लिए, लेकिन कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं किया। सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के आवेदन लिए हैं। वीडियो में जो हथियार लिए दिखाई दे रहे हैं, उनके लाइसेंस की जांच करेंगे। आवेदनों के आधार पर मामले की जांच भी की जा रही है।

ए€सपर्ट व्यू - यह लॉ ऑफ डिफेंस का उल्लंघन

क्रिमिनल लॉयर वरुण प्रधान ने बताया कि लॉ ऑफ डिफेंस यह कहता है कि जितना खतरा हो लाइसेंस हथियार का प्रतिरक्षा में उतना ही उपयोग किया जा सकता है। आत्मरक्षा उस अनुपात में होनी चाहिए जितना खतरा है, यदि आपके पास कोई वैकल्पिक साधन है, जैसे पुलिस की मौजूदगी है तो हथियारों का प्रदर्शन आवश्यक नहीं है। अगर सामने वाला हथियार नहीं लिए है, तो दूसरी पार्टी भी उपयोग नहीं कर सकती। लाइसेंसी हथियार आत्मरक्षा के लिए होते हैं, न की किसी को डराने या धमकाने के लिए। अगर ऐसा होता है तो यह आत्मरक्षा के कानून का उल्लंघन है।