
nadi vaidya shivir in sagar
सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि के मानव विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन नाड़ी वैद्य स्वास्थ्य शिविर का आयोजन शुरू हो गया है। पहले दिन शनिवार को विवि परिसर और शहर के चकराघाट पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। दोनों जगहों पर कोई आंख में परेशानी तो कोई शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या का निदान कराने पहुंचा। विवि परिसर में आंख का उपचार जल रतन ज्योति से करने वाले नाड़ी वैद्य के पास नेत्र रोगी पहुंचे, यहां देखते ही देखते मरीजों की भीड़ उमडऩे लगी।
छग के धमतरी से आए नाड़ी वैद्य की दवा के संबंध में मरीजों का भी फीडबैक भी अच्छा रहा। आंखों में चूर्ण डालकर नाड़ी वैद्य द्वारा उपचार किया गया। इससे नेत्र के अंदर जमा गंदगी बाहर निकाली गई। नाड़ी वैद्य का दावा है कि यह दवा हर महीने डलवाने से कम दिखना बंद हो जाता है और नेत्र ज्योति वापस पहले जैसी हो जाती है। विवि परिसर में १२ पंडाल लगाए गए थे, जिसमें छग, मप्र, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के आदिवासी इलाकों से 70 नाड़ी वैद्य पहुंचे थे।
रिसर्च स्कॉलर्स ने एकत्र की जानकारी
विवि के रिसर्च स्कॉलर्स, जो जड़ी बूटियों पर शोध करना चाहते थे। उनके द्वारा भी पंडालों में जाकर नाड़ी वैद्य से जड़ी बूटियों के संबंध में जानकारी ली गईं। उन्होंने बीमारियों में उपचार में सहायक औषधियों के नाम और उनके फायदे नोट किए। सैंपल भी लिए, जिन पर रिसर्च करने की बात कही। इस दौरान कुछ एनजीओ भी शिविर में मौजूद दिखे, जिन्होंने दवाओं के बारे में मरीजों को जानकारियां दी।
आज भी लगेगा शिविर
रविवार को भी यह हेल्थ शिविर दो जगहों पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक लगाया जाएगा। पहले दिन अनुमानित तौर पर 500 से ज्यादा मरीजों ने अपने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। दूसरे दिन इनकी संख्या और बढऩे की उम्मीद है। शिविर में मौजूद नाड़ी वैद्य के उपचार से प्रभावित मरीजों द्वारा नाड़ी वैद्य से निरस्तर संपर्क करने के लिए उनके मोबाइल नंबर भी लिए गए हैं। विवि स्टाफ से प्रोफेसर, लाइब्रेरी प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपनी नाड़ी दिखवाई और उपचार के लिए औषधियां खरीदीं।
Published on:
06 Jan 2019 08:16 am
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