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राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा व चरित्र निर्माण के लिए है महत्वपूर्ण

कार्यशाला का हुआ आयोजन

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National education policy is important for education and character building

National education policy is important for education and character building

बीना. शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रशिक्षण और कार्यशाला संबंधी कार्यक्रम के अंतर्गत 15 से 25 सितंबर तक छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। शनिवार को समापन के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. अजीत कुमार जैन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को शोध परक, व्यवहारिक शिक्षा और चरित्र निर्माण के लिए आज के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जैसी शिक्षा स्वामी विवेकानंद अपने विद्यार्थियों को देना चाहते थे, नई शिक्षा नीति के माध्यम से आज वह सार्थक हो गई। प्राचार्य डॉ. चंदा रत्नाकर ने कहा कि शिक्षा को तकनीकी और रोजगार से जोडऩे का एक सफल प्रयास है। ज्ञान का विस्तार ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है। संचालन करते हुए प्रभारी डॉ. निशा जैन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विजन भारतीय मूल्यों पर आधारित है, जिसमें विद्यार्थी को एक नैतिक निर्णय लेने के लिए तार्किक ढांचा दिया जाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. उमा लवानिया ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी विषयों का चयन करके विकल्प भरकर व्यवहारिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवसायिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकता है। डॉ. रश्मि जैन ने कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में लचीलापन है, जो गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी होगी। डॉ. रश्मि द्विवेदी ने कहा कि इलेक्टिव विषय से विद्यार्थी का व्यक्तित्व का विकास हो सकता है। कार्यशाला को प्रकाश चंद, नवीन नामदेव, नीता नामदेव, मनीता राजपूत, राजीव लोधी, अरुण उपाध्याय, नम्रता गर्ग, शुभी जैन, आरती राजपूत, डॉ. हरिशंकर सेन, प्रशांत कुशवाहा, अनिल विश्वकर्मा ने सबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक, आनंद, विनोद, रंजना, पूजा, मनीष कुशवाहा आदि ने सहयोग किया।