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central university में अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट को ऑनलाइन देने की तैयारी

डॉ. हरिसिंह गौर विवि के परीक्षा विभाग ने बनाया प्रपोजल... ईसी की मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया

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सागर

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Aakash Tiwari

Jan 12, 2018

Dr. Harisingh Gour University

On-line migration certificate

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर विवि प्रशासन डिग्री के साथ ही माइग्रेशन को भी ऑन लाइन शुरू करने जा रहा है। बताया जाता है कि डिग्री को ऑन लाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, माइग्रेशन के संबंध में परीक्षा विभाग ने एक प्रपोजल भी बना लिया है। इसे आगामी अकादमिक काउंसिल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस प्रक्रिया को बैठक में मंजूरी मिल सकती है। यदि एेसा हुआ तो विवि और उससे संबद्ध कॉलेजों के पास आउट होने वाले छात्रों को विवि के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

31 हजार से अधिक हैं छात्र
मौजूदा समय में विवि से संबद्ध 37 कॉलेजों में 27 हजार विद्यार्थी दर्ज हैं। वहीं विवि में पढऩे वालों की संख्या 4 हजार के करीब है। इनके उत्तीर्ण होने पर विवि प्रशासन इन्हें ऑन लाइन माइग्रेशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं का भटकाव नहीं हेागा और ऑन लाइन डिग्री समय पर मिल जाएंगी।

देर से जागा विवि
विवि में छात्रों को सीधे तौर पर ऑन लाइन से जोडऩे में काफी वक्त लगाया है। विवि प्रशासन ने हालही में तीन प्रक्रियाएं ऑन लाइन करने की दिशा में कदम उठाया है। इनमें से डिग्री, ऑन लाइन रिजल्ट और अब ऑन लाइन माइग्रेशन शामिल हैं। देखा जाए तो बीते 8 महीने से परीक्षा विभाग का एग्जाम डिपार्टमेंट भी प्रभारी के भरोसे चल रहा है। हालांकि यह सारे प्रयास इसी बीच ही शुरू हुए हैं। इससे पहले परीक्षा नियंत्रक के पद पर डॉ. दिवाकर शुक्ला थे, लेकिन उनके कार्यकाल में यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी।

डिजिटल साइन से हर जगह होंगे मान्य
ऑन लाइन के जरिए विद्यार्थियों को जो माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिलेगा। उसमें डिजिटल साइन होंगे। यह किसी कॉलेज में मान्य होगा। छात्र अपने एसआईएस लॉगिंन के जरिए इसे निकलवा सकता है। अभी तक छात्रों को इसे निकलवाने के लिए विवि में आवेदन करना होता है। सर्टिफिकेट मिलने में एक दिन का वक्त लग जाता है। बाहरी जिलों से आने वाले छात्रों को किराया-भाड़ा लगाकर विश्वविद्यालय तक आना पड़ता है।

प्रस्ताव बन चुका है
माइग्रेशन ऑनलाइन जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रपोजल बनाया जा चुका है। ईसी में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
प्रो. सुरेंद्र गादेवार, परीक्षा नियंत्रक