
sagar smart city
सागर. स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के सभी 48 वार्डों में काम नहीं होगा। केवल चिन्हित १९ वार्ड ही हर तरह की सुविधा से लेस होंगे। शेष 29 वार्डों में पैनसिटी विकल्प के तहत एक ही प्रकार का स्मार्ट सॉल्यूशन उपयोग किया जाएगा। यह खुलासा स्मार्ट सिटी राउंड-3 के फाइनल प्रस्ताव से हुआ है। 19 वार्डों का क्षेत्र करीब 908 एकड़ है, जिसमें एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) के तहत 1385 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी, जबकि स्मार्ट सिटी योजना में १६८५ करोड़ रुपए खर्च होंगे। एबीडी में हर प्रकार की सुविधा इन 19 वार्डों के लोगों को मिलेगी जिसमें पार्क, खेल मैदान, अच्छी सड़कें आदि शामिल हैं।
ये है क्षेत्र की खासियत
22.51 फीसदी घरों में लैपटॉप या कम्प्यूटर है
66.62 फीसदी घरों में लोग चलाते हैं मोबाइल
7.27 फीसदी घरों में कंप्यूटर में इंटरनेट उपयोग
39.97 फीसदी घरों में मोबाइल से इंटरनेट उपयोग
78.23 फीसदी घरों में बैंकिंग सेवा का उपयोग
नए प्रस्ताव में ये है 19 वार्डों की आउटलाइन
कोतवाली के पास से विजय टॉकीज चौराहा, राधा तिराहा, डिंपल पेट्रोल पंप, जय स्तंभ, तीन मडि़या, कृष्णगंज वार्ड में केंट से लगे क्षेत्र से होते हुए इम्मानुअल स्कूल, पहलवान बब्बा मंदिर, सिविल लाइन चौराहा, वीसी बंगला, नेपाल पैलेस, तहसीली, अग्रणी कॉलेज से होते हुए द्वारका बिहार चौराहा, तिली अस्पताल, दीनदयाल चौक, बस स्टेंड से कोतवाली तक के क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के विकसित किया जाएगा।
12 वार्डों की ताकत
09 अस्पताल भी मौजूद
05 कॉलेज संचालित हैं
12 स्कूल चलते हैं यहां
11200प्रॉपटी इस क्षेत्र में हैं, जो यहां की बड़ी ताकत
19 वार्डों में लैंड यूज इस तरह
346.4 एकड़ जमीन का उपयोग आवासीय है।
96.28 एकड़ जमीन का उपयोग व्यवसायिक है।
24.68 एकड़ जमीन खेल मैदान के रूप में है।
272.45 एकड़ जमीन पब्लिक-सेमीपब्लिक में।
3.26 एकड़ जमीन परिवहन विभाग की है।
164.92 एकड़ जमीन अन्य के रूप में चिह्नित है।
रोड नेटवर्क
35.47 किमी कुल सड़क मार्ग है क्षेत्र में
9.69 किमी प्राथमिक सड़क के रूप में दर्ज
5.88 किमी द्वितीय सड़क के रूप में चिन्हित हैं
19.9 किमी तृतीय सड़क के रूप में है।
नेचुरल फीचर्स
7 पार्क 19 वार्डों में हैं।
4 बड़े खेल मैदान हैं।
380.8 एकड़ जमीन झील की है।
30.32 एकड़ जमीन ग्रीन एरिया के रूप में चिन्हित है।
88.54 एकड़ जमीन खाली पड़ी हुई है।
और इधर अब तक एक बैठक ही हुई
योजना के तहत बनाए गए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, इनीशियल सब्स्क्राइबर्स की अब तक सिर्फ एक बार ही बैठक आयोजित हुई है। इस बैठक में कसल्टेंट आदि की नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे जिसकी कार्रवाई अभी भी प्रक्रिया में है। इसके अलावा अक्टूबर माह के आखिर में निगम प्रशासन ने कंपनी का गठन होने के बाद उसका बैंक एकाउंट भी खोला था और उसकी जानकारी दिल्ली भेजी थी लेकिन सोमवार की स्थिति में कंपनी के खाते में केंद्र या राज्य शासन से अभी तक एक भी रुपए नहीं भेजा गया है।
Published on:
28 Nov 2017, 12:23 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.