
तिलकगंज वार्ड में चल रहे संगीतमय श्रीमद् राम कथा ज्ञान सप्ताह यज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार को कथावाचक ऋषि गुरु ने कहा कि सीता स्वयंवर के दौरान जब कोई राजा धनुष नहीं तोड़ सका, तब श्रीराम ने विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष भंग किया। इसका अर्थ पूरे विश्व में दुष्टों को यह संदेश देना था कि अब कोई भी शक्तिशाली राक्षस वृत्ति का व्यक्ति जीवित नहीं बचेगा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कण-कण में विराजमान हैं। श्रीराम को भगवान इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने समाज में दीन-दुखियों, वनवासियों और आदिवासियों के कष्ट दूर किए और संगठित शक्ति से बुराइयों को समाप्त किया। इसी प्रकार आज भी समाज की बुराइयों को अच्छे लोग संगठित होकर ही दूर कर सकते हैं। भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केशरवानी ने कथा में पहुंचकर व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया। कथा के मुख्य यजमान मीराबाई लाल सिंह आठिया को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विष्णु साहू, अनिल केसरवानी, अब्बी साहू, शुभम रैकवार, रानू यादव, चंद्रहास, अजय पटेल, जया पटेल, रंजना शर्मा सहित बड़ी संख्या में मातृ शक्ति उपस्थित रही।
Updated on:
13 Dec 2025 04:44 pm
Published on:
13 Dec 2025 04:44 pm
