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इस शहर के हर आयोजन में पगड़ी बांधते हैं लोग, जाने कारण

युवाओं में बढ़ा पगड़ी का क्रेज, शादी-विवाह से लेकर धार्मिक व सामजिक आयोजनों में भी बढ़ी डिमांड, पंजाबी सिख 20 से 25 मीटर लंबे कपड़े तक की बांधते हैं पगड़ी।

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Pagadi's crease in Youth

Pagadi's crease in Youth

सागर. बीते कुछ सालों में दोबारा से पगड़ी का क्रेज बढ़ गया है। कुछ साल पहले जहां केवल विशेष शादी समारोहों में लोग साफा/पगड़ी पहनते थे, लेकिन आज 90 प्रतिशत शादियों में पगड़ी बांधी जा रही है। इतना ही नहीं इस समय धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में भी युवा से लेकर बुजुर्ग तक पगड़ी बांधे नजर आ रहे हैं। हालांकि पगड़ी और साफे में कपड़े की क्वालिटी से लेकर उनके दामों तक में बहुत अंतर होता है। जानकारों का कहना है कि इसमें सबसे महंगी पगड़ी दूल्हे की होती है जो हजारों रुपए तक की होती हैं। क्योंकि दूल्हे की पगडि़यां वर्क वाली और मैचिंग के अनुसार बनाई जाती हैं।

20 से 25 मीटर कपड़े तक की होती है सिखों की पगड़ी

आमतौर पर पगडि़यों का तो क्रेज चल रहा है, लेकिन हमेशा अपने सिर पर पगड़ी बांधने वाले सरदारों की पगड़ी महंगी होती है। जितेंद्र सिंह चावला ने बताया कि सिखों की पगड़ी के कपड़े की लंबाई 5 से 7 मीटर तक की होती है। इतना ही नहीं पंजाब प्रांत में तो कुछ सिख 20 से 25 मीटर लंबे कपड़े की पगड़ी भी पहनते हैं और इस कपड़े की कीमत 60 से लेकर 70 रुपए प्रति मीटर तक की होती है। पगड़ी में हमेशा पतले सूती कपड़े का ही उपयोग किया जाता है। जो ठंड व गर्मी दोनों से ही बचाता है, जबकि बारिश के सीजन में पगड़ी गीली न हो इसके लिए कवर भी पहनते हैं। जितेंद्र चावला ने बताया कि इसमें शादी पगड़ी, गुमाला पगड़ी व निहंग बाबा की पगड़ी शामिल है। उन्होंने बताया कि हमेशा पगड़ी पहनने के कारण अब उनको 3 से 4 मिनिट का मात्र समय लगता है।

तीन मीटर का होता है साफा

शहर के कपड़ा व्यापारी सुमित पंजवानी ने बताया कि पगड़ी और साफे में अंतर होता है। पगड़ी में कपड़ा महंगा और ज्यादा लगता है, जबकि साफे में सस्ते और कम कपड़े का उपयोग होता है। शादी-विवाह में बारातियों, सामाजिक, धार्मिक आयोजनों में आमतौर पर लोग साफा बांधते हैं। जिसमें तीन मीटर कपड़ा लगता है और इसकी कीमत २५ रुपए प्रति मीटर के करीब होती है। सुमित ने बताया कि इसके साफा बांधने के लिए शहर में कुछ लोग हैं जो संख्या के अनुसार पगड़ी बांधने का रेट तय करते हैं, संख्या ज्यादा है तो 20-25 रुपए प्रति व्यक्ति नहीं तो सिंगल व्यक्ति के लिए यह राशि 150 से 200 रुपए तक हो सकती है।

पगड़ी बांधना भी एक कला

कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि शहर में 10 से 15 लोग ही एेसे होंगे जो पगड़ी बांधने का काम करते हैं। चूंकि पगड़ी बांधना भी किसी कला से कम नहीं है। एक्सपर्ट जिस पगड़ी को पांच मिनिट में बांध देते हैं, नवसिखयों को उसी में घंटों लग जाते हैं।

एेसे समझें

पतले सूती कपड़े की बंधती है पगड़ी और साफा।

पगड़ी में 5-7 और साफे में 3 मीटर लगता है कपड़ा।
पगड़ी का कपड़ा 65 तो साफा का कपड़ा 25 रुपए मीटर।

ज्यादा संख्या होने पर भोपाल, इंदौर से आते हैं साफे।
एक्सपर्ट को 5 से 7 मिनिट का लगता है समय।

बांधने वाले संख्या के अनुसार तय करते हैं दाम।
पहले 10 तो आज 90 प्रतिशत शादियों में साफे का क्रेज।