
छतरपुर. अब किसान और आम आदमियों को हल्का के पटवारी को खोजने के लिए कुआं में बांस नहीं डालने पडेंगे। शासन ने व्यवस्था बना दी है कि हर पटवारी सप्ताह में दो दिन अपनी पंचायत के मुख्यालय पर मौजूद रहेगा और जनता की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करेगा।
अक्सर यह शिकायत आती है कि संबंधित हल्का पटवारी मुख्यालय में नहीं मिलता जिससे कार्य बुरी तरह प्रभावित होते हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्रामीण पटवारी को तलाशते रहते हैं। इन हालातों में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किए गए हैं जिसमें कहा गया है कि वे पटवारियों को निर्देशित करें कि सप्ताह में दो दिन पंचायत मुख्यालय में रहकर आवश्यक कार्य करें। सप्ताह में दो दिन पटवारी मुख्यालय में रहेंगे तो आम लोगों के कार्य वहीं पर हल हो सकेंगे। कलेक्टरों से कहा गया कि साथ ही पटवारियों की उपस्थिति की जिला स्तर से समय-समय पर समीक्षा करें। प्रमुख सचिव के इस पत्र से गांव से लेकर शहर तक के लोगों के काम मुख्यालय पर ही सुलझ सकेंगे।
इन समस्याओं का होगा निराकरण
अधीक्षक भू अभिलेख आदित्य सोनकिया ने बताया कि जिले में कुल 572 राजस्व हल्के हैं। वर्तमान में 520 पटवारी उपलब्ध हैं। 52 पटवारी हल्कों का चार्ज अन्य पटवारियों को दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटवारियों की नियमावली में यह बिन्दु पहले से ही समाहित था कि वे मुख्यालय में रहेंगे लेकिन प्रमुख सचिव के आदेश के बाद अब सभी तहसीलदारों को पत्र जारी किया जाएगा ताकि वे हल्का पटवारियों के दिन निर्धारित कर दें जिससे वे संबंधित दिन पंचायत में मिल सकें। पंचायत स्तर पर पटवारियों के उपलब्ध रहने पर नामांतरण, बंटवारा, गरीबी रेखा का सर्वे, जाति प्रमाण पत्र में रिपोर्ट, अन्य दस्तावेजों की समीक्षा के साथ ही आरबीसी 6, 4 के प्रकरण, प्राकृतिक आपदा की स्थल रिपोर्ट, पेंशन के मामले तथा कोर्ट के मामलों में लगने वाली पटवारी रिपोर्ट तुरंत तैयार हो सकेगी।
Published on:
26 Feb 2019 08:00 am
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