
RTO fixes auto rickshaw rent confused
अब प्रति स्टॉप 10 के बजाय 8.30 किराया, लेकिन मॉनीटरिंग कौन करेगा?, पता नहीं
सागर. आरटीओ ने ऑटो-रिक्शा और चैंपियन वाहन का किराया निर्धारित कर दिया है। दो साल से मनमानी झेल रहे लोगों को ऑटो रिक्शा चालकों की द्वारा ज्यादा किराया वसूली से मुक्ति मिल जाएगी। आरटीओ और प्रशासन के इस निर्णय से लोगों को ऑटो-रिक्शा, चैंपियन से प्रति स्टॉप यात्रा करने पर 10 रुपए की जगह 8 रुपए 30 पैसे देने होंगे। यानी, अब ऑटो रिक्शा चालक प्रति स्टॉप अधिकतम 25 रुपए ही ले पाएंगे। 10 रुपए प्रति स्टॉप प्रति सवारी की जगह 8.30 रुपए ही चुकाने होंगे। मतलब हर यात्री को 10 रुपए की जगह 1.70 रुपया कम किराया देना होगा। लेकिन इसकी मॉनीटरिंग कौन करेगा? यह पता नहीं है। ज्यादातर सवार वाहन चालक द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया ही वसूला जाता है। शहर में करीब 1400 ऑटो-रिक्शा और 700 चैंपियन वाहन हैं। आरटीओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि निर्धारित किराया शनिवार से ही लागू हो गया है।
डीजल-पेट्रोल व एलपीजी से चलने वाले इन वाहनों का अलग-अलग होगा किराया
डीजल से चलने वाले ऑटो-रिक्शा व चैंपियन वाहन के लिए पहले दो किमी के लिए २० रुपए और उसके बाद प्रत्येक किमी पर 10 रुपए किराया निर्धारित किया गया है। वहीं पेट्रोल या एलपीजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा के लिए दो किलोमीटर का 25 रुपए और उससे अधिक दूरी पर 12 रुपए प्रतिकिमी अतिरिक्त किराया होगा। यह किराया एक ऑटो-रिक्शा या चैंपियन वाहन में बैठने वाली निर्धारित यात्री संख्या के अनुसार होगा। जैसे ऑटो-रिक्शा में तीन सवारी ही बैठ सकती हैं तो इनसे क्रमश: 20 व 25 रुपए प्रति दो किलोमीटर किराया लिया जाएगा। ऑटो-रिक्शा में 3 सवारी से 25 रुपए से अधिक किराया नहीं वसूला जा सकेगा। प्रति सवारी
8.30 रुपए किराया होगा। वर्तमान में ऑटो चालक प्रति स्टाफ एक सवारी का १० रुपए किराया लेते हैं। लोगों को अब भी लगता है कि वाहन वाले अब भी तय दाम में सवारी को सुविधा नहीं दे पाएंगे।
Published on:
23 Sep 2018, 5:48 PM IST
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