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संभाग में प्रसूती सहायता योजना का लाभ देने में सागर जिला दिखा रहा कंजूसी

-सीएम हेल्प लाइन में सागर में दर्ज हैं 607 शिकायतें, निराकरण न होने से हितग्राही हो रहे परेशान। -दूसरे नंबर पर छतरपुर 254 और तीसरे नंबर पर दमोह 195 शिकायतें दर्ज  

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सागर

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Aakash Tiwari

Jan 10, 2023

Sagar district showing stinginess in giving benefits of maternity

Sagar district showing stinginess in giving benefits of maternity

सागर. प्रसूती सहायता और जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने के मामले में संभाग में सागर जिले की छवि अच्छी नहीं है। सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों पर नजर डालें तो जिले में 1074 शिकायतें स्वास्थ्य से जुड़ी हुई हैं। इनमें से 607 यानी 60 फीसदी शिकायतें जननी सुरक्षा व प्रसूति सहायता से जुड़ी हैं। पत्रिका ने मामले की पड़ताल की तो मालूम चला कि हितग्राहियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेज सॉफ्टवेयर नहीं ले रहा है। इस वजह से न तो भुगतान हो रहा है और न ही पैंडेंसी कम हो रही है।
इधर, दूसरे नंबर पर छतरपुर व तीसरे नंबर पर दमोह जिला आता है। यहां भी 45 फीसदी शिकायतें प्रसूताओं से जुड़ी हुई हैं। शिकायतों का स्तर एल-1 से लेकर एल-4 तक पहुंच चुका है।
-नसबंदी मामले में क्लेम न मिलने की 20 फीसदी शिकायतें
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें महिला-पुरुषों की नसबंदी कराई जा रही है। ऑपरेशन फेल होने के मामले भी समाने आ रहे हैं। सीएम हेल्प लाइन में दर्ज कुल शिकायतों में 20 फीसदी शिकायतें नसबंदी फेल होने के बाद क्लेम न मिलने की है।
-संभाग में सीएम हेल्प लाइन में दर्ज लंबित शिकायतों पर एक नजर
जिला सीएमएचओ डीएच
सागर 400 112
दमोह 324 110
टीकमगढ़ 169 199
छतरपुर 361 205
पन्ना 178 21
निवाड़ी 26 16
कुल 1448 663

केस-1
राहतगढ़ निवासी प्रेमबाई ने 22 जनवरी 2021 को प्रसूति सहायता योजना न मिलने की शिकायत सीएम हेल्प लाइन में की थी, लेकिन एक साल बाद भी उसे सहायता राशि नहीं मिली है।
केस-2
बंडा निवासी अशोक बाई अहिरवार ने पिछले साल सिमम्बर महीने में प्रसूती सहायता राशि न मिलने से सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज की थी। उनका दावा है कि उनके पास सभी दस्तावेज हैं।

यह मिलता है लाभ..
जननी सुरक्षा योजना 1400 रुपए
प्रसूता सहायता योजना 14000 रुपए

-शिकायतों पर एक नजर
-जेएसवाय, पीएसवाय में योजना का लाभ न मिलना।
-नसबंदी फेल मामलों में क्लेम न मिलना।
-108 एम्बुलेंस समय पर न पहुंचना।
-डॉक्टरों के अस्पतालों में न मिलने और गंदगी संबंधी शिकायत।

वर्शन
शिकायतों में कई ऐसी शिकायतें हैं, जिनमें हितग्राहियों की गलती है। समग्र आइडी और संबंल कार्ड प्रसव के बाद बनने से कई प्रसूताओं को क्लेम नहीं मिल रहा है। शिकायतें सागर में ज्यादा हैं। उनका निराकरण किया जा रहा है।
डॉ. ममता तिमोरी, सीएमएचओ