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ek aur cheating : ढाई अरब रुपए से निगम खा रहा ब्याज, लोगों को दिखा रहा खाली जेब

70-90 लाख रुपए के करीब बैंकों से ब्याज में प्रतिमाह मिल रहे। योजनाओं के पैसों के लिए चक्कर काट रहे हितग्राही।
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सागर

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Abhilash Kumar Tiwari

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Updated: 24 Oct 2017, 2:11 AM IST

sagar municipal corporation

sagar municipal corporation

सागर. केंद्र और राज्य शासन से अलग-अलग योजनाओं में मिली राशि नगर निगम के लिए आय का जरिया बन गई है। निगम के अलग-अलग बैंक खातों में करीब 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा है, जिससे निगम प्रशासन को हर महीने 70 लाख से एक करोड़ रुपए तक का ब्याज मिल रहा है। निगम के बैंक खातों में यह राशि कई महीनों से जमा है और शायद यही वजह है कि निगम इस राशि को हितग्राहियों तक पहुंचाने में हिचकिचा रहा है। पत्रिका ने इस मामले की पड़ताल की तो आंकड़े चौंकाने वाले मिले, जिसमें हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देना तो दूर, उनसे अंशदान के नाम पर भी करोड़ों रुपए की वसूली भी कर ली गई है।

विशेषज्ञों की मानें तो बैंकों में जमा राशि से निगम प्रशासन को करीब सालभर में 13 से 14 करोड़ रुपए की राशि मिल रही है। यही वजह है कि चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि को मिलाकर निगम प्रशासन अपने कर्मचारियों को पिछले एक साल से डेढ़ महीने की देरी से समय पर वेतन बांट पा रहा है, नहीं तो उसे बैंकों से कर्ज लेकर वेतन बांटना पड़ता था।

वापस मांग रहे पैसा
आवासीय प्रोजेक्ट्स में अंशदान की राशि जमा करने के बाद अब हितग्राही कुछ खास वजहों से निगम प्रशासन से अपनी राशि वापस मांग रहे हैं। निगम परिषद ने सर्वसम्मति से हितग्राहियों का पैसा ब्याज समेत वापस करने का निर्णय भी सुना दिया है, लेकिन हैरानी की निगम प्रशासन पैसा वापस करने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। शहर की जनता को निगम प्रशासन दो प्रकार से ठग रहा है। पहला निगम प्रशासन योजनाओं का लाभ देने में असफल रहा है तो वहीं उन्हीं हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर वसूली भी कर रहा है।

हितग्राहियों को भी निगम ने ठगा
आईएचएसडीपी योजना में अंशदान की राशि जमा करने वाले हितग्राहियों को राशि लौटाने के नाम पर निगम प्रशासन आज तक बचता आ रहा है। राजीव आवास योजना में 1200 से ज्यादा हितग्राहियों से मार्च के महीने में 20-20 हजार रुपए की राशि जमा कराई थी लेकिन उन्हें आज तक आवास आवंटन नहीं किए।

योजनाएं और राशि (अनुमानित)
11 करोड़- आरएवाय यानी रे पायलेट प्रोजेक्ट में निगम प्रशासन के बैंक खाते में कई महीनों से जमा है।
29 करोड़ के करीब- पीएमएवाय एएचपी में निगम के पास हैं।
55 करोड़ रुपए- पीएमएवाय बीएलसी योजना में 6 महीने से निगम के खातों में जमा है।
50 करोड़- सीवर प्रोजेक्ट के तहत निगम को मिले थे।
30 करोड़- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के करीब डेढ़ साल से निगम के पास जमा हैं।
24 करोड़ रुपए के करीब- आरएवाय फस्र्ट ईयर में निगम के पास जमा है।
01 करोड़ रुपए की राशि स्वच्छता अभियान में निगम को पिछले वर्ष मिली थी।
02 करोड़ रुपए स्मार्ट सिटी योजना में एसपीवी तैयार करवाने के लिए मिले थे।

मजबूरीवश राशि का उपयोग समय पर नहीं हो पाया। कचरा प्लांट, आवासीय योजनाओं में अड़ंगा आने के कारण निर्माण कार्य में देरी हुई है। जिन लोगों से अंशदान के रूप में निगम प्रशासन ने राशि ली है, उनको ब्याज सहित वापस करने के निर्देश दिए हैं। लोगों के हितों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
अभय दरे, महापौर सागर