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समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी गड़बड़ाई, किसान परेशान

खुले आसमान के नीचे पड़ा है सैकड़ों क्विंटल गेहूं, रात भी खरीदी केंद्र पर ही बितानी पड़ रही है

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samarthan mulya Wheat purchase Jumble Peasant disturbed

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सागर. प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरूआत में गड़बड़ा गई है। खरीदी केंद्र प्रभारियों की मनमानी के कारण पांच दिन बाद भी जिले के किसी भी केंद्र पर गेहूं की खरीदी नहीं हो सकी है। जबकि कई केंद्रों पर किसान दो दिन पहले अपना गेहूं लेकर यहां पहुंच चुके हैं। लेकिन केंद्र प्रभारियों द्वारा खरीदी शुरू नहीं करने के कारण किसानों को अपना गेहूं खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। उन्हें रात भी खरीदी केंद्र पर ही बितानी पड़ रही है।


पत्रिका टीम ने खरीदी शुरू होने के पहले दिन २६ मार्च से ही पड़ताल शुरू कर दी थी। पहले दिन जहां केंद्रों पर ताले लटके मिले थे। शुक्रवार को पांचवे दिन सानौधा स्थित खरीदी केंद्र के बाहर मैदान में सैकड़ों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा मिला। किसानों ने बताया कि केंद्र प्रभारी पीटी निगम का कहना है कि वे १ अप्रेल से खरीदी शुरू करेंगे।
वित्त वर्ष के चक्कर में अटकाई खरीदी!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक केंद्रों पर खरीदी शुरू होने के पीछे वरिष्ठ अधिकारियों की भी अघोषित रूप से स्वीकृति है। जिसमें कहा गया है कि वे १ अप्रेल यानी नए वित्तीय वर्ष से किसानों से गेहूं की खरीदी शुरू करें। यदि मार्च में खरीदी शुरू की गई तो उनको वित्तीय वर्ष २०१७-१८ और वित्तीय वर्ष २०१८-१९ के दो अलग-अलग खरीदी पत्रक बनाने होंगे। जरा सी मेहनत से बचने के लिए यह हीलाहवाली की जा रही है।
मंडियों में सहकारी समितियां चना, मसूर और सरसों की खरीदी करेंगी
सागर. समर्थन मूल्य पर १० अप्रेल से शुरू होने वाली चना, मसूर और सरसों की खरीदी अब कृषि उपज मंडियों में सहकारी समितियों के द्वारा की जाएगी। यह निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा भावांतर भुगतान योजना से इन उपजों को बाहर करने के बाद लिया गया है। जिसके तहत कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने जिले की १३ मंडी और ७ उप मंडियों में व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं। बड़ी मंडियों में दो से तीन समितियों को नियुक्त किया जाएगा, जबकि उप मंडियों में समितियों की संख्या एक से दो हो सकती है। खरीदी की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक चना, मसूर, सरसों, प्याज और लहसुन के शुक्रवार तक ७६५२५ पंजीयन हो चुके हैं। १५३ पंजीयन का सत्यापन भी पूर्ण हो चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या करीब ८० हजार हो सकती है।


सत्यापन के निर्देश
&७ अप्रेल तक पंजीयन का सत्यापन पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। समर्थन मूल्य पर खरीदी में किस समिति को कहां नियुक्त किया जाना है यह शनिवार को तय हो जाएगा।
राजेंद्र सिंह, जिला आपूर्ति नियंत्रक