
समोसा बेचते हुए
बीना. रेलवे स्टेशन पर पैक सामान पर अतिरिक्त रुपए लेकर सामान बेचने के मामले सामने तो आए दिन सामने आते हैं, लेकिन स्टेशन पर जो खेल खुली सामग्री पर हो रहा है वह चौकाने वाला है, जिसमें एक दिन में हजारों रुपए की कमाई की जा रही है। इसकी जानकारी अधिकारियों के लिए भी है, लेकिन वह इसे लेकर सख्त रुख नहीं अपना रहे हैं, जिसका फायदा वेंडर उठा रहे हैं और पूरे सिस्टम में यात्री ठगे जा रहे हैं।
दरअसल रेलवे स्टेशन पर खाने-पीने के सामान में जो खेल चल रहा है उसे हर कोई समझ तो नहीं पाता है, लेकिन उसमें हजारों रुपए का हेरफेर हर दिन होता है, जिसमें यात्रियों को ठगा जा रहा है। पिछले दिनों समोसा का वजन कम होने के कारण रेलवे अधिकारियों ने करीब एक हजार से ज्यादा समोसा नष्ट कराने की कार्रवाई की थी और वेंडरों को समझाइश दी थी कि आगे से समोसा की क्वालिटी बेहतर रखी जाए। साथ ही समोसे का वजन 70 ग्राम से कम नहीं होना चाहिए, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। बुधवार को पत्रिका टीम ने रेलवे स्टेशन पर जानकारी ली तो पता चला कि यहां पर दो समोसा के 20 रुपए लिए जा रहे थे। साथ ही दो समोसा का वजन 80 ग्राम से ज्यादा नहीं था, हर यात्री को 60 ग्राम कम वजन के समोसा दिए जा रहे थे।
चाय में भी यह खेल
चाय में भी यहां पर बड़ा घपला चल रहा है। रेलवे के नियमानुसार स्टेशन पर एक यात्री को पांच रुपए में 150 एमएल चाय दी जानी चाहिए, लेकिन स्टेशन पर दस रुपए में केवल 100 एमएल चाय ही दी जा रही है, जिसमें यात्रियों से पांच रुपए अतिरिक्त लेकर उन्हें 50 एमएल चाय कम दी जा रही है।
इस तरह समझें मामला
यदि एक दिन में स्टेशन पर चार हजार समोसा की बिक्री होती है और उनका वजन 40 ग्राम होता है, तो उसमें हर समोसा से तीस ग्राम वजन का सामान बचा लिया जाता है, जिससे चार हजार समोसा में करीब 17 हजार रुपए से ज्यादा की कमाई हर दिन की जाती है। पूरे महीने में करीब पांच लाख से ज्यादा की कमाई की कमाई हो रही है। यह पूरा खेल आसानी से समझ नहीं आता है।
Published on:
12 Dec 2024 12:10 pm
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