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छात्र संगठनों में तकरार, छात्राओं को होना पड़ा परेशान

सागर. छात्र संघ चुनाव में नामांकन फॉर्म जमा करने के दौरान गल्र्स डिग्री कॉलेज में शनिवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
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सागर

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Rajesh Kumar Pandey

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Updated: 29 Oct 2017, 1:37 PM IST

Student organizations wrangle schoolgirls have trouble

Student organizations wrangle schoolgirls have trouble

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के अंदर दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना गोपालगंज पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल कॉलेज पहुंचा, जहां कॉलेज में दाखिल होने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को हटाया। इस बीच कॉलेज के गेट बंद कर दिए जाने से छात्राएं काफी देर तक बाहर ही फंसी रहीं। उधर, नाराज कार्यकर्ता सड़क पर जमा हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। इनके बीच जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रेखा चौधरी भी पहुंच गर्इं।
सड़क पर प्रदर्शन
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि नामांकन के दौरान कॉलेज के अंदर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को नियम विरुद्ध प्रवेश दिया गया है। हालांकि प्रबंधन ने इस बात से इनकार किया। बावजूद इसके कार्यकर्ता सड़क पर प्रदर्शन करते रहे। इससे जाम के हालात बन गए। जाम हटाने के लिए पुलिस समझाती रही, लेकिन जब कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसमें दो कार्यकर्ता मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए
१०८ एम्बुलेंस की मदद से बीएमसी ले जाया गया।
निर्विरोध जीते सीआर : एबीवीपी,
चुनाव में धांधली : एनएसयूआई
छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के तहत शनिवार को कक्षा प्रतिनिधियों के नामांकन फॉर्म डाले गए। देर शाम मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में ४० फीसदी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। जबकि ५० फीसदी सेक्शन में मेरिट के आधार पर कक्षा प्रतिनिधि चुने जाने हैं। निर्विरोध वाले मामले में जीते हुए प्रत्याशियों पर

एबीवीपी अपने सीआर होने का दावा कर रही है
एबीवीपी की मानें तो जिले के १४ सरकारी कॉलेजों में उनके सीआर खड़े किए थे। इनमें से ७ कॉलेजों में जो सीआर निर्वाचित हुए हैं, वे एबीवीपी के हैं। इस चुनाव में एनएसयूआई का असर फीका दिख रहा है। हालांकि एनएसयूआई के पदाधिकारी चुनाव में धांधली के आरोप लगा रहे हैं। छह साल बाद हो रहे छात्र संघ चुनाव में सिर्फ चंद सीटों पर ही चुनाव होना हंै।
प्रबंधन पर लगाया गड़बड़ी का आरोप
एनएसयूआई निर्विरोध और मेरिट के आधार पर चुने जाने वाले कक्षा प्रतिनिधियों के सहारे चुनाव जीतने में खुद को अक्षम मान रही है। पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार के दबाव के चलते कॉलेज प्रबंधन गड़बड़ी करके एबीवीपी के सिर जीत का सेहरा बंधवा सकते हैं।

दावा: दो कॉलेजों में १० सीआर हमारे
विवेकानंद छात्र परिषद के संरक्षक विकास केशरवानी ने विज्ञप्ति जारी करते हुए दावा किया है कि अग्रणी और गल्र्स कॉलेज में निर्विरोध चुने गए ३४ कक्षा प्रतिनिधियों में उनके १० सीआर हैं। इसके अलावा अन्य कॉलेजों में भी हमारे संगठन के सीआर हैं। चूंकि इस चुनाव में अभाविप को हमने समर्थन दिया था, इसलिए मिलकर इस चुनाव में आगे रहेंगे। एनएसयूआई के आरोप निराधार हैं।
& एबीवीपी इस छात्र संघ चुनाव में अपनी जीत हासिल करने जा रही है। नामांकन के दौर में अधिकांश कक्षा प्रतिनिधि हमारे होंगे। अध्यक्ष चुनाव में भी हमारी जीत होगी। एनएसयूआई हार के डर से बौखला गई है। इस तरह के प्रदर्शन करके चुनावी माहौल को दूषित करने की कोशिश कर रहे हैं।
म्रदुल मिश्रा, विभाग संगठन मंत्री, एबीवीपी
& चुनाव में एबीवीपी के सिर पर प्रशासन और प्रदेश सरकार का हाथ है। यह नामांकन फॉर्म डालने के दौरान साफ दिखाई दिया है। सोची-समझी रणनीति के तहत ही यह चुनाव कराए जा रहे हैं। इसका हम विरोध करेंगे। गल्र्स कॉलेज में शनिवार को जिस तरह एबीवीपी कार्यकर्ताओं को अंदर जाने दिया, वह गलत है।
राहुल खरे, पूर्व प्रदेश महासचिव, एनएसयूआई