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10 वीं- 12 वीं रिजल्ट में सफलता की कहानी, स्टूडेंट्स की जुबानी

10 वीं- 12 वीं बोर्ड में अव्वल आए स्टूडेंट्स ने अपनी सफलता की कहानी खुद बताई है, आईये जानते हैं बेहतर सफलता पाने के लिए स्टूडेंट्स ने क्या-क्या किया।

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10 वीं- 12 वीं रिजल्ट में सफलता की कहानी, स्टूडेंट्स की जुबानी

10 वीं- 12 वीं रिजल्ट में सफलता की कहानी, स्टूडेंट्स की जुबानी

सागर. सीबीएसई का रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट्स जमकर खुशियां मना रहे है। उन्होंने ये सफलता कड़ी मेहनत से हासिल की है, अब कोई स्टूडेंट्स डॉक्टर, इंजीनियर तो कोई एमबीए कर अपना भविष्य उज्जवल बनाना चाहता है, इस बार भी प्रदेश में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं काफी आगे निकली है, क्योंकि 12 वीं में जहां छात्राओं का परिणाम 90.68 प्रतिशत रहा, वहीं छात्रों का परिणाम 84.67 प्रतिशत रहा, इसी प्रकार दसवीं कक्षा में भी छात्राओं का परिणाम 94.25 प्रतिशत तो छात्रों का परिणाम महज 92.72 प्रतिशत रहा है। स्टूडेंट्स ने बताया कि ये सफलता उन्होंने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई कर हासिल की है।

अश्वनी तिवारी - 97.6 प्रतिशत

12वीं कक्षा के छात्र अश्वनी तिवारी ने आर्ट्स संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अश्वनी ने आर्ट्स विषय में 97.6 प्रतिशत हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि घर पर शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा। पिता डॉ. प्रदीप कुमार तिवारी डॉ. हरि सिंह गौर विवि में हैं। मां महिमा तिवारी गृहिणी हैं। अश्वनी ने बताया कि वो बचपन से ही आर्ट्स विषय से पढ़ाई करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल रिलेशन फील्ड में जाना चाहते हैं। इंटरनेशनल रिलेशन के लिए मैं बीए और एमए की पढ़ाई करूंगा। उन्होंने बताया कि अच्छे रिजल्ट के लिए पूरे साल मेहनत की थी।

अनमोल रावत (94.4)

अनमोल रावत ने फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं बायोलॉजी में 94.4 प्रतिशत हासिल करके प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अनमोल ने बताया कि वे डॉक्टर बनना चाहते हैं। इसके लिए वे नीट की तैयारी कर रहे हैं। अनमोल ने बताया कि पिता राम रावत की प्रेरणा से उन्हें यह मुकाम मिला है।

प्रार्थी जैन- 97.2 प्रतिशत

कॉमर्स संकाय में प्रार्थी जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रार्थी ने बताया कि उन्होंने 97.2 प्रतिशत हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई ऑनलाइन और सेल्फ स्टडी से की। कई चेप्टर यूट्यूब से देखकर समझे। प्रार्थी ने बताया कि पिता विनय जैन व्यापारी और मां प्रीति जैन गृहिणी हैं। प्रार्थी ने बताया कि बाहरवीं के बाद बीबीए की पढ़ाई करूंगी और सेकंड ईयर से सीएसए की तैयारी करूंगी।

देवांश राय - 95.8

राहतगढ़ निवासी किसान के बेटे देवांश राय ने पीसीएम विषय में 95.8 प्रतिशत के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। देवांश ने बताया कि वे प्रतिदिन राहतगढ़ से सागर पढ़ाई करने के लिए आते थे। राहतगढ़ से सुबह 6.30 घर से निकल जाते थे और सुबह 8 बजे स्कूल पहुंच जाते थे। उन्होंने बताया कि वे जेईई एडवांस की तैयारी कर रहे हैं और इंजीनियर बनना चाहते थे। देवांश ने बताया कि उन्होंने सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की है। पिता राजेश कुमार किसान हैं और चंदा राय गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

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समर्थ ने हासिल किए 94 प्रतिशत

राज्य स्तरीय फुटबाल प्लेयर समर्थ तिवारी ने 12वीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। समर्थ त्रिभुवन तिवारी के पुत्र हैं। समर्थ के भाई ओम तिवारी ने 10वीं में 90 % अंक हासिल किए हैं।