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सागर. नगर निगम प्रशासन ने स्वच्छता अभियान में अब तक क्या प्रयास किए हैं, इसकी हकीकत पत्रिका के हाथ लगी है। स्वच्छता सर्वेक्षण-२०१८ के बिंदु व क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा कराए गए प्रारंभिक सर्वे में ४३ बिंदुओं में से नगर निगम को १५ बिंदुओं में जीरो मिला है। बीते दिनों राज्य शासन द्वारा भेजी गई टीम ने शहर में स्थल निरीक्षण किया था और चार दिनों तक तहत पड़ताल की थी। आंकड़ों की बाजीगिरी के हिसाब से देखा जाए तो कुल निरीक्षण के एक तिहाई में शहर को क्यूसीआई ने जीरो दिया है।
1400 में से 400 अंक कटे
४३ बिंदुओं के तहत करीब १४०० अंक हैं जिसमें से १५ बिंदुओं में शून्य मिलने पर करीब ४०० अंक कट गए हैं। जिन मामलों में शून्य मिला है वह कचरा कलेक्शन, निष्पादन से जुड़े मामले हैं। कचरा संग्रहण स्थलों का विलोपन न होने के कारण शहर को ३२ में से एक भी अंक नहीं मिला है।
इन पांच सेक्शन के तहत हुआ था सर्वे
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन: संग्रहण एवं परिवहन।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन: उपचार एवं प्रसंस्करण।
स्वच्छता: ओडीएफ
आईईसी एवं व्यवहार परिवर्तन।
क्षमता निर्माण।
किस सेक्शन में कितने मिले जीरो
१३ बिंदुओं में ४ में जीरो।
८ बिंदुओं में ५ में जीरो।
११ बिंदुओं में २ में जीरो।
७ बिंदुओं में ४ में जीरो।
४ बिंदुओं में सभी में अंक मिले हैं।
हैरानी: ओडीएफ में मिल गए पूरे अंक
सर्वे के तीसरे सेक्शन के तहत खुले में शौंच की स्थिति में शहर को ११० में से ११० अंक मिले हैं। इसका मतलब शहर में कहीं पर भी खुले में शौंच नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों की माने तो पिछले वर्ष शहर को ओडीएफ का सर्टीफिकेट मिला था जिसके कारण ये अंक दिए गए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाए तो शहर में ५० से ज्यादा स्थानों पर खुले में शौंच हो रहा है।
Published on:
25 Dec 2017 01:36 pm
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