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योजनाएं जब लेंगी आकार, पांच गुना ज्यादा टैक्स की पड़ेगी मार

संपत्ति कर- स्मार्ट सिटी योजना के पूर्ण होने पर लोगों का संपत्ति कर लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाकर वसूल किया जाएगा

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tax in sagar city mp

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सागर. स्मार्ट सिटी, सीवर पाइपलाइन, चौबीस घंटे सातों दिन की सुविधाएं सरकार फ्री में शहर की जनता को उपलब्ध नहीं कराएगी बल्कि इन सुविधाओं की एवज में शहर के हर उपभोक्ता से मोटी राशि कर के रूप में वसूल की जाएगी। वर्तमान में शहर के हर उपभोक्ता को प्रतिमाह कम से कम करीब 300 रुपए का कर चुकाना पड़ रहा है लेकिन जैसे ही ये बड़ी योजनाएं पूर्ण होंगी, तब लोगों को कम से कम डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह का कर्ज चुकाना पड़ सकता है। खास बात यह है कि वर्तमान की सभी योजनाओं में जनता से प्रतिमाह कर वसूलने की प्लानिंग है। जनता से ये कर तीन से पांच सालों में वसूलना शुरू हो जाएंगे। वर्तमान में मासिक करों में जलकर 150 और उपभोक्ता कर 30 रुपए प्रतिमाह है जबकि वार्षिक करों में समेकित कर, शिक्षा उपकर, विकास उपकर, बाजार बैठकी, भयपद्र समेत अन्य कर वार्षिक कर के रूप में वसूले जा रहे हैं।
वर्तमान में मासिक करों का भार
जलकर- राजघाट डैम से पेयजल सप्लाई के तहत नल कनेक्शनधारियों को प्रतिमाह १५० रुपए जलकर के रूप में देने पड़ रहे हैं। हालांकि निगम प्रशासन कई वर्ष से पानी पर आरक्षण की व्यवस्था लागू किए है।
उपभोक्ता कर- यह कर डोर टू-डोर कचरा कलेक्शन की सुविधा के लिए लिया जा रहा है। जिसमें न्यूनतम 30 रुपए और अधिकतम 500 रुपए तक है। समेकित कर- इसमें तीन प्रकार के कर समाहित हैं जिसमें फायर, सफाई और स्ट्रीट लाइट (प्रकाश) कर के रूप में सभी उपभोक्ताओं से 180 रुपए वसूल किए जाते हैं।
शिक्षा उपकर- इसका निर्धारण संपत्ति कर के जरिए किया जाता है। उपभोक्ता को उसके संपत्ति कर की एक प्रतिशत राशि जमा करके शिक्षा उपकर चुकाना पड़ता है। विकास उपकर- इसका निर्धारण भी संपत्ति कर के हिसाब से किया जाता है यानि उपभोक्ता को अपने संपत्ति कर की 1 से 5 प्रतिशत राशि विकास कर के रूप में जमा करनी पड़ती है।
अन्य कर- बाजार बैठकी, भयपद्र, प्रदर्शन (विज्ञापन) जैसे कर अलग हैं, जो व्यापारिक उपभोक्ताओं से लिए जाते हैं।

ये कर वसूल किए जाएंगे
संपत्ति कर- स्मार्ट सिटी योजना के पूर्ण होने पर लोगों का संपत्ति कर लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाकर वसूल किया जाएगा जिसमें स्थानीय निकाय वोट बैंक की ज्यादा राजनीति नहीं दिखा पाएगी।
सीवर लाइन प्रोजेक्ट- इस योजना के पूर्ण होने पर हर उपभोक्ता को 180 रुपए तक का कर लग सकता है। इसके साथ ही सीवर का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा जिसमें उसे सीधे 10 हजार रुपए की राशि जमा करनी होगी।
जलकर- राजघाट फेज-२ यानी चौबीस घंटे सातों दिन पानी उपलब्ध कराने की सुविधा देने के बाद नगर निगम प्रशासन 350 से 400 रुपए प्रतिमाह का एक निश्चित कर वसूल करेगा। पानी की खपत मीटर से आंकी जाएगी और ज्यादा पानी खर्च होने पर उपभोक्ता को ज्यादा पैसे देने होंगे। इसके साथ नल कनेक्शन का चार्ज एक बार फिर से रिवाइज्ड होगा। इसमें अनुमान है कि 5 से 10 हजार रुपए तक उपभोक्ता को चुकाने पड़ सकते हैं।