
The airplane that the President will land on dry grass
सागर. केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समोराह में शामिल होने आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के स्वागत और सुरक्षा की तैयारियों को लेकर जिले के आला अफसर सुबह-शाम बैठकों में व्यस्त हैं। सर्किट हाउस से विवि परिसर तक सड़क का निर्माण शुरू हो गया है और विवि में तैयारियां जारी हैं लेकिन जहां राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उतरेगा और वे जिस सड़क मार्ग से केंद्रीय विवि तक आएंगे, उसकी हालत बेहद खस्ता है। आयोजन की तिथि नजदीक आने और अब तक एयरस्ट्रिप व सड़क निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जाना बाद में परेशानी खड़ी कर सकता है।
गतवर्ष लगी थी आग
ढाना एयर स्ट्रिप के आसपास काफी क्षेत्र में सूखी घास है। एयर स्ट्रिप की बाउंड्री के नजदीक से बिजली के तार भी गुजरे हैं और पिछले साल इन्हीं से गिरी चिंगारी से घास ने आग पकड़ ली थी। इस वर्ष भी अब तक हवाई एयर स्ट्रिप के आसपास से घास को नहीं हटाया गया है और भीषण गर्मी के चलते इसमें आग लगने का अंदेशा बना हुआ है।
निर्माण से सड़क बाधित
ढाना के पास बेबस नदी के पुल के निर्माण का काम चल रहा है। निर्माण की रफ्तार धीमी होने से अब तक पुल और सड़क को जोडऩे वाला हिस्सा तैयार नहीं हुआ है। इसे बनाने में उपयोग होने वाला कोपरा और मिट्टी पुल के नजदीक सड़क के आधे से ज्यादा हिस्से पर पड़ी है। इसके साथ ही बन्नाद से बम्होरी तिराहा और बाबूपुरा से पथरिया जाट के बीच सड़क कई जगह से क्षतिग्र्रस्त है।
दीक्षांत समारोह में दागियों को न किया जाए शामिल
सागर. दीक्षांत समारोह के संबंध में संगठनों ने कुलपति को सात सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि समारोह में संस्थान के एेसे किसी भी कर्मचारी या शिक्षक को शामिल न किया जाएगा, जिनके विरुद्ध अपराधिक मामले दर्ज हैं। पंजीकृत छात्र-छात्राओं से भेदभाव न किया जाए। सर गौर को भारत रत्न दिलाने की मांग प्रभावी तरीके से रखी जाए। डॉ. धरणेन्द्र जैन ने कहा कि हम सभी लोग डॉ. गौर की तपोभूमि पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हैं और आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह का समर्थन करते हंै, लेकिन इसमें गरिमा का ध्यान रखा जाए। रोहित तिवारी ने कहा कि विवि में तोडफ़ोड़ करने वाले आरोपियों को भी इस कार्यक्रम से दूर रखा जाए।
तैयारियों को लेकर आज होगी बैठक
सागर. दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर सोमवार को बैठक भी आयोजित की गई है। जानकारी के अनुसार 1948 में विवि का पहला समारोह हुआ था। 1950 के समारोह में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और 1952 में प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू भी शामिल होने आए थे। इसी समय पं. जवाहरलाल नेहरू के नाम पर विवि में पुस्तकालय की आधार शिला रखी गई थी।
Published on:
23 Apr 2018 02:54 pm
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