26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

2613 दिनों से समिति कर रही पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य, रोप चुके हैं छह हजार पौधे

पर्यावरण के प्रति लोगों को भी कर रहे जागरूक, वर्ष 2018 में की थी शुरुआत, निरंतर कार्य जारी
2 min read
Google source verification

बीना. पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मोतीचूर जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान समिति द्वारा निरंतर 2613 दिनों से कार्य किया जा रहा है। समिति सदस्य पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण का भी कार्य कर रहे हैं। इसके लिए लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। समिति में करीब 32 सदस्य जुड़े हुए हैं।
समिति सदस्यों ने वर्ष 2018 से पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्य शुरू किया था, जो निरंतर जारी है और कोरोना काल के दौरान भी पौधों की देखभाल निरंतर की है। समिति ने मोतीचूर नदी घाट और इटावा मुक्तिधाम से अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद नई बस्ती मुक्तिधाम, शनि मंदिर परिसर, शहर के स्कूल परिसर, पार्क सहित आसपास की अन्य सुरक्षित जगहों पर पौधारोपण किया जा रहा है। पौधारोपण करने तक ही समिति सदस्य सीमित नहीं हैं, उनकी देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाया जाता है। पौधों को नियमित पानी देना और गर्मी में तेज धूप से बचाने के लिए भी उपाय किए जाते हैं। 2613 दिनों के अभियान में समिति अलग-अलग जगहों पर करीब छह हजार पौधे रोप चुकी है, जिसमें चार हजार पौधे सुरक्षित हैं। इसके लिए नदी की साफ-सफाई और जल संरक्षण के लिए भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही समिति के प्रयास से मोतीचूर नदी में अलग से विसर्जन घाट भी नगर पालिका ने बनाया है, जिससे अब पूरी नदी का पानी खराब नहीं होता है।

लोगों को कर रहे जागरूक
समिति सदस्य एचडी गोस्वामी ने बताया कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए जन्मदिन, पुण्यतिथि पर भी पौधारोपण कराया जाता है और आगे भी यह कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया जाता है। लोग जागरूक होकर अभियान से जुड़ भी रहे हैं।

25 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ को मिला नया जीवन
वर्ष 2021 में देहरी रोड पर लगा एक बरगद का पेड़ जड़ से उखड़ गया था, जिसे काटकर फेंकने की जगह समिति सदस्यों ने उसे इटावा मुक्तिधाम परिसर में लगाकर नया जीवन दिया है। अब बरगद का पेड़ अब हराभरा हो गया है।