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बहुचर्चित अभिषेक हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

दो वर्ष पहले ग्राम धनौरा में हुई थी हत्या

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सागर

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Anuj Hazari

Jan 14, 2020

The court sentenced the accused to life imprisonment in the famous Abhishek murder case

The court sentenced the accused to life imprisonment in the famous Abhishek murder case

बीना. ग्राम धनौरा में दो वर्ष पहले हुए बहुचर्चित अभिषेक ठाकुर हत्याकांड के सभी आरोपियों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एमडी अवस्थी ने की है। एडीपीओ श्यामसुंदर गुप्ता ने बताया कि 14 जनवरी 2018 की शाम करीब नौ बजे नीलेश यादव, पप्पू व रतिराम अभिषेक ठाकुर के मकान पर बैठे थे, तभी अभिषेक ने बताया कि लीला उर्फ नीलेश आदिवासी ने आइटीआइ के पास सरकारी जमीन की मेड़ तोड़ दी है और आइटीआइ के कांच भी तोड़ दिए हैं, जिसे समझाइश देकर आते हैं। इसके बाद चारों लीला के घर बम्होरी शेख पहुंचे जहां पर लीला, बच्चू, घंसू व उनका पिता नत्थू भी था। अभिषेक ने जब मेड़ तोडऩे की बात उनसे कही तो उन्होंने गाली-गलौज कर दी। अभिषेक ने गाली देने से मना किया तो लीला ने पास में रखी लकड़ी उठा ली, वहीं लीला के पिता व दोनों भाई अंदर से लाठी लेकर आए और लीला ने लकड़ी अभिषेक के सिर में मार दी, जिससे गंभीर चोट आई और वह जमीन पर गिर गया। अभिषेक को बचाने के लिए जब नीलेश, पप्पू साहू व रतिराम रैकवार ने बचाना चाहा तो सभी ने उनके ऊपर भी हमला कर दिया। इसकी जानकारी लगते ही अमित ठाकुर, इंदरसिंह ठाकुर मौके पर पहुंचे जो अभिषेक व अन्य घायलों को अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टर ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। घटना में रतिराम के लिए भी गंभीर चोटें आने पर उसे सागर रेफर किया गया था। नीलेश यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 323, 294 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने कोर्ट में साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को धारा 302 में आजीवन कारावास, धारा 307 में दस वर्ष व धारा 323 में एक वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर सभी धाराओं में दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।