
चक्क टांडा में बंद पड़ा हैंडपंप। फोटो-पत्रिका
बीना. ब्लॉक में पीएचइ विभाग का कार्यालय है और जलसंकट गहराने पर लोग अपनी शिकायत किससे और कहां करें इसकी कोई जानकारी नहीं रहती है। यदि कहीं से मोबाइल नंबर मिलता है, तो अधिकारी, कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। हैंडपंप सुधरवाने में भी कई दिन लग जाते हैं।
हैंडपंप खराब होने, नलजल योजना में परेशानी होने पर यदि किसी व्यक्ति को पीएचइ विभाग में शिकायत करना है या कोई कार्य है, तो खुरई जाना पड़ता है, क्योंकि ब्लॉक में न तो कार्यालय है और न ही कहीं कर्मचारी बैठते हैं। इस ओर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और न ही अधिकारी। यदि स्थानीय स्तर पर कार्यालय खोला जाए, तो लोग आसानी से अधिकारियों को अपनी समस्या बता सकते हैं। गर्मियों में सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों को होती है। हैंडपंप सुधरवाने के लिए भी कई-कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है। बीना क्षेत्र में पदस्थ उपयंत्री भी यहां नहीं बैठते हैं। यदि एक कर्मचारी जनपद पंचायत में बैठने लगे, तो क्षेत्र के लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। पिछले दिनों हुई जनपद पंचायत की बैठक में जनपद अध्यक्ष ने भी यह चर्चा की थी और एक कर्मचारी को जनपद पंचायत में बैठाने के निर्देश भी दिए हैं। क्योंकि लोगों को पीएचइ विभाग संबंधी शिकायत करने में परेशानी होती है।
सबसे ज्यादा शिकायतें इसी विभाग की
गर्मियों के मौसम में सबसे ज्यादा शिकायत इसी विभाग की आती हैं। क्योंकि जलस्तर गिरने से कहीं हैंडपंप में पाइप लाइन कम पड़ जाती है, तो नलजल योजनाएं बंद हो जाती हैं। लोग सुधार के लिए जनपद पंचायत के चक्कर काटते हैं, लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिलता है। पंचायत में शिकायत करने पर सरपंच, सचिव पीएचइ विभाग के अधिकारियों से बात करने के लिए कहते हैं। यदि एक कर्मचारी भी जनपद में बैठने लगे, तो यह समस्या हल हो सकती है।
एक कर्मचारी का बैठना जरूरी
पीएचइ विभाग का कार्यालय खुरई में है, जिससे बीना के लोगों को परेशानी होती है। एक कर्मचारी का जनपद पंचायत में बैठना जरूरी है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों से भी कहा गया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि शिकायत करने खुरई जाना पड़ता है।
अमरप्रताप सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत
Published on:
21 Mar 2026 12:15 pm
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