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बहुभाषिक संस्कृति का विकास के प्रति विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है : प्रो. नीलिमा गुप्ता
सागर. केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक कामकाज में हिन्दी की प्रगति की निगरानी के लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय का राजभाषा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण समिति में शिक्षा मंत्रालय राजभाषा उप निदेशक अजय कुमार झा, पूनम विमल व वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी सोनाली उपस्थित रहे। समिति ने विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ के अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर राजभाषा कार्य की समीक्षा की। प्रशासनिक व नवीन प्रशासनिक भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता से कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय होने के नाते न केवल राजभाषा हिन्दी बल्कि भारत के संविधान की अष्टम अनुसूची में दर्ज समस्त भारतीय भाषाओं का विकास करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। भारत की सभी भाषाएं समृद्ध हों तथा हिन्दी राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित हों, हम सब को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय की अमूल्य विरासत को समझने के लिए विश्वविद्यालय के वैली परिसर स्थित गौर संग्रहालय का भी भ्रमण किया। इस अवसर पर कुलपति ने राजभाषा प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। राजभाषा प्रदर्शनी में दस्तावेजों, प्रतिवेदनों एवं डिजिटल माध्यम से राजभाषा के प्रगामी प्रयोग की प्रगति प्रदर्शित की गई। बैठक का संचालन अभिषेक सक्सेना ने किया। विशेष सहयोग विनोद रजक का रहा।
Updated on:
22 May 2025 11:32 am
Published on:
22 May 2025 11:32 am
