
पेशाब की थैली थी बाहर, नहीं बनी थी मूत्र नली, ४ घंटे के ऑपरेशन के बाद मिली नई जिंदगी
सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के सर्जरी विभाग में ३ दिन की बच्ची की पेशाब की थैली का जटिल ऑपरेशन हुआ है। यहां सर्जरी विभाग की टीम ने 4.30 घंटे में ऑपरेशन कर बच्ची की पेशाब की थैली और मूत्र नली बनाई है। बताया जाता है कि बच्ची का गर्भ के दौरान इस हिस्से का विकास नहीं हो पाया था। साइंस की भाषा में इस बीमारी को एक्टोपिया वेसाइके कहते हैं। अमूमन जन्म लेने वाले 50 हजार बच्चों में से एक बच्चे में इस तरह की परेशानी पाई जाती है। वहीं, फीमेल की जगह मेल में इस तरह परेशानी सबसे ज्यादा आती है। बहरहाल ऑपरेशन के बाद बच्ची स्वस्थ्य बताई जाती है। हालांकि ५ साल बाद एक ऑपरेशन और होगा। इसके बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य हो जाएगी।
-बीना से हुई थी रेफर
सर्जन डॉ. सुनील सक्सेना ने बताया कि बीना निवासी सविता कुशवाहा का १५ दिन पहले बीना अस्पताल में प्रसव हुआ था। जन्म लेने वाली बच्ची की पेशाब की नली बाहर निकली हुई थी, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था। बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती किया गया था, जहां से सर्जरी के लिए बीएमसी रेफर किया था। डॉ. सक्सेना ने बताया कि बच्ची के पेट की आगे की दीवार नहीं बनी थी। इस वजह से पेशाब की थैली बाहर निकली हुई थी। वहीं, मूत्र नली नहीं बन पाई थी। कमर की हड्डी भी नहीं जुड़ी थी।
-तो पेट से निकली यूरिन
सर्जन डॉ. सक्सेना ने बताया कि यदि बच्ची का ऑपरेशन नहीं होता तो पेट से पेशाब निकलती। इससे जहां एक ओर स्किन खराब होती। वहीं, पेशाब की गंदी बदूब से बच्ची में संक्रमण का खतरा भी बना होता। उन्होंने बताया कि बच्ची की पेशाब की थैली को अंदर करने के साथ मूत्र नली बनाई गई और कमर के नीचे की हड्डी को भी जोड़ा गया। ऑपरेशन में तीन सदस्यीय टीम शामिल था। इसमें विभाग के एचओडी डॉ. आरएस वर्मा और एनेस्थेटेकि डॉ. अनिल जैन शामिल थे।
-2 से 3 लाख रुपए आता खर्च
बच्ची का ऑपरेशन यदि प्रायवेट अस्पताल में होता तो इस पर २ से ३ लाख रुपए का खर्च आता। लेकिन बीएमसी में यह जटिल सर्जरी नि:शुल्क में हुई है। बताया जाता है कि बच्ची को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की मासपेशियां अभी बन नहीं पाई हैं। एेसे में बच्ची को टॉयलेट आने पर वह उसे रोक नहीं पाएगी। इसके लिए ५ साल बाद फिर से बच्ची का ऑपरेशन करना होगा। इससे यह परेशानी दूर हो सकेगी।
3 दिन की बच्ची की पेशाब की थैली बाहर निकली हुई थी। इस तरह का यह पहला मामला सामने आया था। बच्ची में संक्रमण न फैले इसलिए ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के जरिए आम बच्ची की तरह उसकी पेशाब की थैली और मूत्र नली बनाई गई। बच्ची अब स्वस्थ्य है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉ. आरएस वर्मा, एचओडी सर्जरी विभाग
Published on:
20 Jan 2019 08:01 am
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