शहर के मंदिरों में बदल गई भगवान की दिनचर्या
सागर . वैशाख माह शुरु होते ही शहर में गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। गर्मी से लोगों के हाल बेहाल है। गर्मी से बचने के लिए जहां लोग एसी कूलर और पंखों का सहारा ले रहे हैं। वहीं मंदिरों में भी भगवान को भी गर्मी से निजात दिलाने तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। शहर के अधिकांश मंदिरों में अब भगवान को भी एसी, कूलर लगाकर गर्मी में राहत पहुंचाई जा रही है। साथ ही सत्तू, बेल का रस, लस्सी सहित विभिन्न प्रकार के शीतल व्यंजनों का भोग लगाया जा रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारी शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि सर्दियों में ठाकुरजी को नाश्ते में गर्म दूध दिया जाता है, लेकिन गर्मी की दस्तक के साथ ही ठंडा दूध, लस्सी, ठंडाई, सत्तू का भोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशुपतिनाथ धाम स्थित राघव सरकार मंदिर में भगवान को एसी लगाया गया है। साथ ही पशुपतिनाथजी, सिंहवाहिनी देवी एवं युगल सरकार के मंदिर में कूलर लगाए गए हैं।
जलधारा हुई शुरू
भीतर बाजार स्थित गौरीशंकर मंदिर में वैशाख माह शुरु होते ही शंकर जी के ऊपर जलधारा शुरू हो गई है। मंदिर में मौजूद 12 ज्योर्तिलिंगो पर भी जलधारा हो रही है। भगवान गर्मी ना सताए इसलिए मटके में जल भरा जाता है। वहीं भूतेश्वर मंदिर के पुजारी मनोज तिवारी ने बताया कि वैशाख में गहरे रंग के बजाय भगवान को हल्के रंग के वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। गर्मी से राहत के लिए भोग में शरबत व लस्सी का भोग लगाया जाता है। चंदन का लेप किया जा रहा है।