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मंदिरों में आज होगी बधाई, गूजेंगे जय कन्हैया लाल के जयकारे

छोटा वृंदावन कहे जाने वाले बड़ा बाजार में मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा की गई , मंगल आरती, दिव्य अभिषेक भी किया जाएगा

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Krishna Janmashtmi 2018

Krishna Janmashtmi 2018

सागर. सोमवार को जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। पंचांग भेद से इस बार दो दिन जन्माष्टमी मनाई जा रही है। छोटा वृंदावन कहे जाने वाले बड़ा बाजार में मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। जन्माष्टमी पर कई स्कूलों में झांकियां सजाई जाएंगी तो घर-घर व्रत एवं कृष्ण की कथाअें का पाठ होगा। सुबह से ही मंगल आरती, दिव्य अभिषेक, श्रृंगार और राजभोग के बाद ही कृष्ण मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं, जो रात 12 बजे भगवान कृष्ण के अवतार के बाद ही खुलते हैं। इस दौरान भजन कीर्तन चलते रहेंगे। रात में भगवान अवतरण के बाद कृष्ण दर्शन, आरती, प्रसाद वितरण होगा। बधाइयां गाई जाएंगी। शहर में श्रीबिहारी जी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीराधावल्लभ मंदिर, गेंड़ाजी मंदिर राधा माधव, श्रीद्वारिकाधीश मंदिर, श्रीरामबाग मंदिर, गोपालजी मंदिर, वृन्दावन बाग मंदिर और पशुपति नाथ मंदिर में तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
इसलिए आज मनेगी
पं. शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार रविवार को भी जन्माष्टमी उत्सव शास्त्र सम्मत है और सोमवार को भी है। भगवान कृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात 12 बजे वृषभ लग्न और रोहणी नक्षत्र में हुआ था और रविवार को रात 12 बजे अष्टमी तिथि रोहणी नक्षत्र और वृषभ लग्न का संयोग था। किंतु सूर्योदय काल में सप्तमी तिथि होने से जन्माष्टमी सोमवार को उदयकालीन अष्टमी में मनाई जा रही है। तिथि पर्व को लेकर दो शास्त्रीय पारंपरिक मत प्रचलित हैं। एक स्मार्त और दूसरा वैष्णव। स्मार्त मत श्रुति परंपरा पर चलता है जो गृहस्थों के लिए मान्य है। वैष्णव मत मंदिरों और सन्यासियों के लिए मान्य है। शहर को दुल्हन की तरह सजाय गया है। वंदनवार से घरों और सड़कों तक स्वागत द्वार बनाए गए हैं। हर जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता में लोगों की बड़ी सहभागिता होती है। जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन के पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।