
Train without guard rider
बीना/मंडीबामोरा. रेलवे में आए दिन कोई न कोई घटनाएं सामने आ रही हैं बावजूद इसके रेलवे प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है, जिससे कि व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके। बुधवार को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें बीना स्टेशन से एक मालगाड़ी बिना गार्ड के ही चली गई। जिसकी जानकारी लगते ही रेलवे अधिकारी सकते में आ गए और आनन-फानन में गार्ड के लिए बुलाकर मंडीबामोरा भेजा गया जहां पर बीना से टे्रन के छूटने के बाद उसे खड़ा किया गया था।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे बीना स्टेशन से सीडब्ल्यूए मालगाड़ी बीना स्टेशन से रवाना की गई। जिसमें कोई भी गार्ड मौजूद नहीं था ड्राइवर ने बिना गार्ड के ही टे्रन को रवाना कर दिया टे्रन धड़धड़ाते हुए चली जा रही थी, लेकिन गार्ड न होने के कारण रास्ते में पडऩे वाले फाटक व स्टेशनों पर जब टे्रन में किसी गार्ड ने झंडी नहीं दिखाई तो इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। जिसका मैसेज मिलते ही अधिकारियों ने टे्रन को मंडीबामोरा में खड़े करने के निर्देश दिए। इसके बाद ड्राइवर ने मंडीबामोरा में प्लेटफॉर्म तीन पर टे्रन को खड़ा किया और गार्ड के आने का इंतजार किया। करीब आधा घंटे से ज्यादा टे्रन खड़ी रही इसके बाद बीना स्टेशन से गार्ड के लिए बिलासपुर-भोपाल पैसेंजर से मंडीबामोरा भेजा गया। जिसके बाद मालगाड़ी को भोपाल की ओर रवाना किया गया। बीना से गार्ड के बिना मालगाड़ी चलने के संबंध में जब गार्ड से पूछा गया तो उसका कहना है कि उसकी ड्यूटी मालगाड़ी में लगने की जानकारी देर से मिली थी जब तक वह स्टेशन पहुंचा, टे्रन छूट चुकी थी। इसलिए वह पैसेंजर से मंडीबामोरा पहुंचा।
दिन के समय चलाई जा रही हैं बिना गार्ड के टे्रन
कर्मचारियों की कमीं के चलते दिन में कुछ टे्रनें बिना गार्ड के ही चलाने के लिए अधिकारी ड्राइवरों पर दबाव बनाते हंै, जिसके बाद टे्रन ड्राइवर बिना गार्ड के ही गाड़ी चलाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। जिससे बड़ी घटनाएं होने का डर बना रहता है, लेकिन अधिकारियों को इस बात से कोई लेना-देना नहीं रहता है। पिछले साल भोपाल से बिना गार्ड के दिन में टे्रन चलाने का आदेश भी जारी कर दिया गया था, जबकि रेलवे बोर्ड के नियमानुसार टे्रन को बिना गार्ड के नहीं चलाया जा सकता है। इसके बाद आदेश को वापस लिया गया था।
Published on:
08 Mar 2018 01:31 pm
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