कुछ निजी ट्यूबवेलों से बुझा रहे प्यास, पंचायत नहीं दे रही ध्यान, टैंकर तक नहीं किए शुरू
बीना. तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूर ग्राम पंचायत बेलई में लेाग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हालत यह है कि चौबीसों घंटे बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी पानी के लिए भटक रहे हैं। जलस्तर गिरने से हैंडपंपों ने दम तोड़ दिया है। वहीं, कुछ लोग निजी ट्यूबवेलों से पानी भर रहे हैं, जहां नंबर लगाना पड़ता है। इसके बाद भी पंचायत ने यहां कोई व्यवस्था नहीं की है।
पत्रिका टीम जब रविवार की दोपहर गांव पहुंची थी, तो सड़क पर युवा, बच्चे साइकिल पर प्लास्टिक की डिब्बों में पानी ढोते हुए नजर आए। महिलाएं भी सिर पर बर्तन रखकर पानी ला रहे थीं। गांव के पास लगे हैंडपंप पर ग्रामीण पानी के इंतजार में बैठे थे, क्योंकि एक बर्तन भरने के बाद फिर आधा घंटे इंतजार करना पड़ता है, तब कहीं पानी निकलता है। जो लोग दिन में काम पर जाते हैं, वह रात में पानी भरते हैं। बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे ग्रामीणों को पंचायत से कोई मदद नहीं मिल पा रही है। कुछ निजी ट्यूबवेलों से 200 से 250 रुपए महीने देकर पानी भरना पड़ रहा है। साइकिल पर डिब्बों में भकर पानी ला रहे वीरेन्द्र ने बताया कि एक किमी दूर से वह पानी ला रहे हैं। इस संबंध में जनपद पंचायत सीइओ एसएल कुरेले का कहना है कि सरपंच, सचिव से टैंकरों से पानी सप्लाई के लिए बोला गया है। यदि पानी सप्लाई नहीं हो रहा है, तो बात करके व्यवस्था कराई जाएगी।
सुबह 4 बजे से रात 12 तक चलाते हैं ट्यूबवेल
गांव के कन्हैयालाल साहू ने बताया कि उनके ट्यूवबेल पर सुबह 4 बजे से लोग पानी भरने आने लगते हैं और रात 12 बजे तक यह क्रम चलता है। ट्यूबवेल में पानी कम होने से रुक-रुक मोटर चलाते हैं। दिनभर में 30 से 40 लोग पानी भरते हैं।
पंचायत ने नहीं की कोई व्यवस्था
पानी के लिए पूरा गांव परेशान हैं, लेकिन पंचायत ने कोई व्यवस्था नहीं की है। यदि टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाए, तो ग्रामीणों को राहत मिलेगी। अभी सुबह से लेकर रात तक पानी के लिए भटक रहे हैं। अधिकारी भी गांव में लोगों की समस्या जानने नहीं आते हैं।
लक्ष्मी साहू, ग्रामीण
घंटों इंतजार के बाद मिल रहा पानी
जलस्तर गिरने से हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। एक बर्तन भरने के बाद दूसरा वर्तन भरने के लिए आधा घंटे इंतजार करना पड़ता है। अपनी बारी आने का इंतजार करने घंटों बैठे रहते हैं। ग्रामीण पानी के लिए पूरी दोपहरी भटकते हैं और फिर भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है।
राधा बाई, ग्रामीण
कराई जाएगी व्यवस्था
इस संबंध में जनपद पंचायत सीइओ से चर्चा कर व्यवस्था कराई जाएगी।
विजय डेहरिया, एसडीएम, बीना