
Was the dispute From tehsildar
सागर. जनपद पंचायत केसली की सीइओ अंजना नागर द्वारा दो दिन पहले लोक सेवा केंद्र में मचाए गए बबाल के पीछे का कारण सामने आ गया है। इसमें भी सीइओ की गलती सामने आई है। वह भले ही लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण करने और तहसीलदार पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगा रही हैं, लेकिन इसकी असल वजह उनकी बौखलाहट है। हंगामे के दो दिन पहले यानी 19 जून को कलेक्टर द्वारा जारी किया गया नोटिस पत्रिका के हाथ लगा है, जो यह स्पष्ट कर रहा है कि सीइओ रणनीति के तहत लोक सेवा केंद्र पहुंची थीं और वहां पर हंगामा मचाया था।
केसली में 7 मार्च से शासन ने समाधान एक दिवस योजना शुरू की थी। यहां पर सभी अधिकारियों सप्ताह में एक-एक दिन ड्यटी लगाई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें मंगलवार के दिन सीइओ नागर की ड्यूटी तय है। 7 मार्च से 12 जून तक की स्थिति देखें तो इस बीच नागर को 14 दिन ड्यटी करनी थी, लेकिन वे एक दिन भी लोक सेवा केंद्र में नहीं पहुंची। यह बात कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में भी कही गई है।
यह कहा नोटिस में
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आपको (सीइओ अंजना नागर) लोक सेवा केंद्र केसली ग्रामीण में कार्य दिवस अनुसार प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया था। 12 जून में समाधान एक दिवस के पोर्टल अवलोकन में लोक सेवा केंद्र केसली में प्राप्त आवेदनों का आपके द्वारा समय 4.20 शाम तक निराकरण कराना, लोक सेवा केंद्र में उपस्थित न होना शासन निर्देशों के विपरीत है। लोक सेवा केंद्र संचालक के अवगत कराने के बाद भी समाधान एक दिवस प्रारंभ होने से आज दिनांक तक कार्यालय में निराकरण के लिए उपस्थित नहीं हुई है, जो कि गंभीर लापरवाही है। उपरोक्त कर्तव्य पालन में आपकी गंभीर लापरवाही प्रदर्शित हुई है व शासन निर्देशों के विपरीत है। इसको लेकर कलेक्टर ने तीन दिन में जवाब मांगा है, साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जवाब नहीं दिया गया तो संभागायुक्त के समक्ष कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
Published on:
24 Jun 2018 05:20 pm
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