1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सहारनपुर की 14 ग्राम पंचायतों में 8 करोड़ के घोटाले का मामला, कमिश्नर ने जांच बैठाई

सहारनपुर के गंगोह ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान 14 ग्राम पंचायत सचिव नियुक्त किए गए थे। अब इनके कार्यकाल में 8 करोड रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कमिश्नर ने जांच बैठा दी है।

2 min read
Google source verification
saharanpur_news_in_hindi.jpg

गांव के विकास के लिए सरकार की ओर से जारी की जाने वाली राशि का बंदरबांट किए जाने का मामला सामने आया है। सहारनपुर के गंगोह ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान नियुक्त किए गए 14 ग्राम पंचायत सचिव के कार्यकाल में बड़े घोटाले की शिकायत हुई है। इन सभी ग्राम पंचायत में 8 करोड रुपए का गोलमाल किए जाने के आरोप हैं। कमिश्नर के आदेश पर इन सभी ग्राम पंचायत के सचिव को नोटिस भेजे गए हैं।

कार्यों में बरती गई लापरवाही
ग्रामीणों का आरोप है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान गंगोह ब्लॉक क्षेत्र में जो विकास कार्य कराए गए उनमें अनियमितता हुई। 14 ग्राम पंचायत सचिव पर ग्राम पंचायत निधि को गलत तरीके से खर्च करने के आरोप लगे हैं। इन सभी के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत की है। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए अब इन सभी सचिव को नोटिस जारी किए हैं।

जिला पंचायत राज अधिकारी ने जारी किए नोटिस
सहारनपुर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिन 14 ग्राम पंचायत सचिव की शिकायत ग्रामीणों ने कमिश्नर से की थी उन्हे नोटिस भेजे गए हैं। ये सभी वो ग्राम पंचायत सचिव हैं जिन्हें त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायत निधि को खर्च करने के अधिकार दिए गए थे। आरोपों के अनुसार इन्होंने अपने अधिकारों और पंचायत निधि का दुरुपयोग किया। करीब आठ करोड रुपए कीमत की पंचायत निधि को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। आरोपों के अनुसार जो विकास कार्य कराए गए हैं उनमें 8 करोड रुपए की लागत दिखाई गई है जबकि मौके पर इतना काम नहीं हुआ। इसी आधार पर अब नोटिस जारी किए गए हैं।

नोटिस का जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार नोटिस का जवाब नहीं देने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। यह सारी कार्रवाई सहारनपुर कमिश्नर के आदेश पर हुई है। पूरे मामले की मॉनिटरिंग कमिश्नर खुद कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई भी सचिव नोटिस का जवाब नहीं देता या फिर खुद पर लगे आरोपों को गलत साबित नहीं कर पाता तो उसके खिलाफ कार्यवाही तय है।

यह भी पढ़ें: लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में ATS ने सहारनपुर से 12वी पास फर्जी डॉक्टर हिरासत में लिया

चुनाव में मिले थे अधिकार
सहारनपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए थे। ऐसे में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण प्रत्येक विकास खंड से ब्लॉक स्तर पर एडीओ को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया। इसी क्रम में गंगोह के ब्लॉक क्षेत्र में भी 14 सचिवों को नियुक्त किया गया था। इनके कार्यकाल में हुए कार्यों की शिकायत अब ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों की शिकायत का कमिश्नर ने संज्ञान लिया है।