दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के लिए सहारनपुर के गणेशपुर से उत्तराखंड के डाट काली मंदिर तक एलिवेटेड रोड बनाए जाने का काम शुरू हो गया है। 1400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एलिवेटेड रोड के लिए पिलर्स की कनेक्टिविटी की जा रही है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के लिए सहारनपुर में काम शुरू हो गया है। यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इस एक्सप्रेस-वे की खास बात ये है कि इसमें सहारनपुर से देहरादून के बीच 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड है। यानी सहारनपुर के छुटमलपुर कस्बे के गांव गणेशपुर से देहरादून में स्थित डाट काली मंदिर तक पिलर्स पर रोड बनेगी। यह 12 किलोमीटर की रोड पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर से निकलेगी और इस रोड से प्रकृति के नजारों के साथ-साथ जंगलों में विचरण करते वन्य जीवों को भी देखा जा सकेगा।
550 पिलर पर बनेगा एलिवेटेड रोड
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI इस एक्सप्रेस-वे को बना रही है। 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में 12 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत लगेगी। NHAI के निदेशक पंकज मौर्य के अनुसार सहारनपुर के गणेशपुर से उत्तराखंड के डांट काली मंदिर तक 12 किलोमीटर के एलिवेटेड रोड के लिए 550 पिलर बनने हैं। इनमें से करीब 300 पिलर बना लिए गए हैं। अब इन पिलर को जोड़ने का काम शुरू हो गया है।
1400 करोड़ की लागत से तैयार होगी एलिवेटेड रोड
NHAI के निदेशक के ही अनुसार इस रोड को 2023 तक तैयार कर लिया जाएगा। इस एलिवेटेड रोड की कनेक्टिविटी के लिए 340 मीटर लंबी टनल भी डाट काली मंदिर पर बननी है। इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद दिल्ली से देहारादून की दूरी महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।
एलिवेटेड रोड से देख सकेंगे वन्य जीव
एलिवेटेड रोड की वजह से यह देश का सबसे खूबसूरत एक्सप्रेस-वे होगा। इस एलिवेटेड रोड पर चलते हुए शिवालिक की पहाड़ियों और राजाजी नेशनल पार्क में विचरण करते वन्यजीवों को भी देखा जा सकेगा। ये अनोखा एक्सप्रेस-वे होगा जो प्राकृतिक नजारों के दिखाएगा और रफ्तार के साथ आदमी को प्रकृति सो जोड़कर रखेगा।