
केंद्र की मोदी सरकार के साथ आए देवबंदी उलेमा, सरकार के फैसले का किया समर्थन
देवबन्द। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के मांग की है की अयोध्या मे विवादित जमीन के अलावा जो आस पास की जमीन है, जिस पर कोई विवाद नहीं है वो जमीन जिसकी है उसको सौंप देनी चाहिए। सरकार की बात का देवबंदी उलेमाओं ने भी समर्थन किया है और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है की जिस जमीन पर कोई विवाद नहीं है वो जमीन जिसकी है उसको सौंप देनी चाहिए ताकि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल कर सके।
मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से जो मांग की है कि बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के अलावा जो दूसरी जमीनें हैं जिसके ऊपर किसी का विवाद नहीं है ऐसी जमीनों उसको दे दी जाए तो हम सरकार की इस मांग का समर्थन करते हैं। जिनकी जमीनें हैं उनको दे देनी चाहिए ताकि उनका हक उनको मिल जाए और अपनी चीज को वो इस्तेमाल कर सके।
आपको बता दें कि आज प्रयागराज कुंभ में कैबिनेट की बैठक कर रहे योगी आदित्यनाथ ने भी केंद्र के इस कदम को सद्भाव के लिए जरूरी करार दिया। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी गई अर्जी में 1993 में अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन को गैर-विवादित बताते हुए इसे इसके मालिकों को लौटाने की अपील की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 में 2.77 एकड़ जमीन को विवादित बताते हुए 3 हिस्सों में बांट दिया था। अब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जो अर्जी दी है, उसमें उसने 0.313 एकड़ जमीन को ही विवादित बताते हुए संबंधित पक्षों को वापस सौंपने की अपील की है।
Published on:
29 Jan 2019 03:48 pm

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