गिफ्तार युवक ने पूछताछ में बताया कि उसकी डॉक्टरों और वकीलों से सेटिंग है। डॉक्टर से फर्जी मेडिकल बनवाता है। इस तरह झूठी FIR दर्ज कराकर लोगों को ब्लैक मेल करता है।
सहारनपुर पुलिस ने एसिड अटैक का फर्जी मेडिकल बनवाकर झूठी FIR दर्ज कराने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। जब इससे पूछताछ की गई तो पता चला कि ये युवक पिछले करीब साढ़े तीन साल से फर्जी मेडिकल बनवाने का काम कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसने 30 से 35 फर्जी मेडिकल अभी तक बनवाए हैं।
एसपी सिटी ने किया खुलासा
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पकड़े गए युवक का नाम फरजन अली है। मूल रूप से फरजन रामपुर मनिहारन क्षेत्र के गांव चकवाली का रहने वाला है। वर्तमान में वह कोतवाली देहात क्षेत्र में मल्हीपुर रोड पर रह रहा था। हाल ही में इसने अपने साथियों के साथ मिलकर एसिड अटैक की झूठी घटना बनाई। ब्लैकमेल करके रुपये लेने के लिए फर्जी मेडिकल बनवाया और मुकदमा दर्ज करा दिया।
मोबाइल फोन से खुलेंगे राज
अभी तक पुलिस जांच में सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर का नाम सामने आया है। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के फोन में कुछ रिकॉर्डिंग मिली है। इन्हीं रिकॉर्डिंग के आधार पर कुछ नए तथ्य उजागर होंगे और नए नाम सामने आएंगे। फिलहाल थाना जनकपुरी पुलिस की टीम और एसओजी की टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ऐसे करते थे ब्लैकमेल
पकड़े गए युवक ने बताया कि वो करीब साढ़े तीन साल से सक्रिय था। जिला अस्पताल में डॉक्टर्स से उसकी सेटिंग थी। वकीलों से भी उसकी सेटिंग थी। इस तरह वो फर्जी मेडिकल बनवा लेता था। फिर इन फर्जी मेडिकल के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर लोगों को ब्लैकमेल किया करता था।
कई मुकदमें होंगे प्रभावित
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि अभी तक ये युवक 30 से 35 फर्जी मेडिकल बनवा चुका है। ऐसे में साफ है कि इन मेडिकल के आधार पर दर्ज हुए मुकदमों में पुलिस जांच भी गलत हुई होगी। इसका कारण यह है कि, पुलिस की जांच मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही चलती है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही सामान्य और गंभीर धाराएं लगाई जाती हैं। ऐसे में अगर ठीक तरह से जांच होगी तो कई मुकदमें भी प्रभावित होंगे।