ससुरालियाें ने साफ कह दिया कि यदि वह इसका इंतजाम नहीं कर पाए ताे वह लड़की काे लेने नहीं आएंगे। एक साल पहले उसे दहेज के चलते मारपीट कर उसके मासूम बच्चों के साथ धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया था। तभी से वह मायके में रह रही है। इसको लेकर बिरादरी की पंचायत तक हुई, मगर वे अपनी मांग पर अडे रहे। बेबस नूरजहां का कहना है कि वह पैराेंं से दिव्यांग है आैर पति काे दिखाई नहीं देता, एेसे वह दाेनाें मिलकर भी बेटी के ससुरालियाें की इस मांग का पूरा नहीं कर पाएंगे। आराेप यह भी है कि पिछले दिनाें ससुराल पक्ष के लाेगाें ने घर पर आकर उनकी बेटी से मारपीट की। यहां पड़ोसियों के मौके पर आ जाने से उनकी बेटी की जान बच पाई।